भागवत ने विभिन्न जातियों और संप्रदायों के बीच एकता की वकालत की
भागवत ने विभिन्न जातियों और संप्रदायों के बीच एकता की वकालत की
(फाइल फोटो के साथ)
अहमदाबाद, 14 अप्रैल (भाषा) राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने विभिन्न जातियों और संप्रदायों के बीच शुक्रवार को एकता का संदेश दिया।
भागवत ने कहा, ‘‘पहले हम एक थे, लेकिन हम जातियों के रूप में विभाजित हुए और इस विभाजन को विदेशियों ने और बढ़ा दिया, लेकिन अब देश के विकास के लिए, हमें फिर से एक होना होगा।’’
यहां आरएसएस कार्यकर्ताओं को ‘समाज शक्ति संगम’ कार्यक्रम में संबोधित करते हुए भागवत ने संविधान निर्माता डॉ. बी. आर. आंबेडकर को उनकी 132वीं जयंती पर याद किया और कहा कि बाबा साहेब ने कहा था कि समतामूलक समाज से ही देश का विकास होगा।
भागवत ने कहा, ‘‘आंबेडकर ने कहा था कि हम विदेशी आक्रमणकारियों से हार गए, क्योंकि हम विभाजित थे।’’
भाषा देवेंद्र सुरेश
सुरेश

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