भजनलाल सरकार ने कांग्रेस शासन में शुरू हुई ‘प्रश्नपत्र लीक’ संस्कृति को खत्म किया: शाह

भजनलाल सरकार ने कांग्रेस शासन में शुरू हुई ‘प्रश्नपत्र लीक' संस्कृति को खत्म किया: शाह

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  • Publish Date - January 10, 2026 / 06:05 PM IST,
    Updated On - January 10, 2026 / 06:05 PM IST

जयपुर, 10 जनवरी (भाषा) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को कहा कि कोई राज्य तभी विकास कर सकता है जब वहां कानून व्यवस्था की स्थिति अच्छी हो। उन्होंने कहा क‍ि राज्य की भजनलाल सरकार ने (पूर्ववर्ती) कांग्रेस सरकार द्वारा शुरू किये गए प्रश्नपत्र लीक के सिलसिले को समाप्त कर द‍िया है।

उन्होंने कहा कि राज्य की भजनलाल शर्मा सरकार के दो साल के कार्यकाल में कुल अपराध में लगभग 14 प्रतिशत की कमी आई है।

वे यहां राजस्थान पुलिस अकादमी में नवचयनित आरक्षकों को नियुक्ति पत्र देने के लिए आयोजित ‘आरक्षक नवनियुक्ति समारोह’ को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा,’मैं आज राजस्थान की जनता से कहना चाहता हूं कि इन नौ हजार युवाओं को बिना किसी खर्चे के, बिना सिफारिश के, उनके दम-खम के बल पर नौकरी देने का काम राजस्थान की भाजपा सरकार ने किया है। इसमें पारदर्शिता भी है, इसमें भ्रष्टाचार का उन्मूलन भी है और इसमें योग्यता का सम्मान भी है।’

शाह ने कहा,’कोई भी राज्य तभी आगे आ सकता है जब वह प्रतिभाशाली युवाओं को आगे बढ़ाए। कोई भी प्रदेश तभी आगे आ सकता है जब वहां लोकसेवकों की भर्ती पारदर्शी तरीके से हो, उसमें कोई भ्रष्टाचार न हो।’

उन्‍होंने कहा,‘‘मुख्यमंत्री भजनलाल ने (पूर्ववर्ती) कांग्रेस सरकार द्वारा शुरू किया गया प्रश्नपत्र लीक का सिलसिला समाप्त कर राजस्थान को इससे निजात दिलाने का काम किया है। ये भर्ती पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से, तकनीकी आधार पर और निष्पक्ष तरीके से पूरी की गई है।

उन्होंने कहा कि राजस्थान पुलिस एक प्रकार से देश की सबसे अग्रणी व सबसे सक्षम पुलिस बलों में स्थान रखती है।

शाह ने कहा,‘‘राजस्थान में भजनलाल सरकार बनने के बाद दो साल में कुल अपराध में लगभग 14 प्रतिशत की कमी आई है। गंभीर प्रकार के अपराध में 19 प्रतिशत की कमी आई है। हत्या से जुड़े मामलों में 25 प्रतिशत, हत्या के प्रयास से जुड़े मामलों में 19 प्रतिशत, महिलाओं के खिलाफ अत्याचार में 10 प्रतिशत कमी आई है।’’

उन्होंने कहा कि इसी तरह एससी/एसटी के खिलाफ अपराध के मामलों में 28 प्रतिशत, डकैती मामलों में 47 प्रतिशत व लूट के मामलों में 51 प्रतिशत कमी लाने का काम भाजपा की भजनलाल सरकार ने किया है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार ने 150 साल पहले बने अंग्रेजों के कानून को समाप्त कर भारतीय न्याय संहिता को लागू किया है। भारतीय न्याय संहिता लागू होने के बाद राजस्थान पुलिस में शामिल होने वाले आरक्षकों की यह पहली खेप है।

शाह ने कहा कि पहले अंग्रेजों के बनाए जो तीन कानून थे उनका उद्देश्य अंग्रेज सरकार की रक्षा करना व अंग्रेजों का खजाना भरना था। वहीं ये नए कानून आपको एक नया ही अनुभव करवाएंगे।

शाह के अनुसार, नए कानूनों में तकनीक को अहम स्थान दिया गया है। उन्होंने कहा कि आपराधिक न्याय प्रणाली को कवर करने वाले पांचों स्तंभ (पुलिस, अभियोजन, जेल, एफएसएल व न्यायालय) ऑनलाइन जोड़ दिए गए हैं।

उन्होंने कहा कि ढेर सारे बदलाव ऐसे किए गए हैं जिससे नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा हो। इसके साथ ही महिला व बच्चों के लिए अलग अध्याय बनाकर महिला व बाल सुरक्षा का नया अध्याय भी शुरू किया गया है।

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि इन कानूनों के पूर्ण कार्यान्वयन के बाद जो भी प्राथमिकी दर्ज होगी उसमें सिर्फ तीन साल में उच्चतम न्यायालय तक न्याय मिलने की व्यवस्था हो जाएगी।

शाह के अनुसार, इन कानूनों का अभी पूर्ण कार्यान्वयन नहीं हुआ है लेकिन राजस्थान पुलिस की सजा कराने की दर 41 प्रतिशत से बढ़कर अब 60 प्रतिशत पर पहुंच गई है।

उन्‍होंने कहा,‘‘मुझे विश्वास है कि इसके 85 प्रतिशत तक पहुंचने में कोई ‘बाधा’ नहीं आएगी… 85 प्रतिशत गुनहगार जेल की सलाखों के पीछे होंगे।’’

विकास में अच्छी कानून व्यवस्था की महत्ता रेखांकित करते हुए शाह ने कहा कि कानून व्यवस्था अच्छी हो तभी कोई राज्य विकास कर सकता है।

उन्होंने कहा कि भजनलाल सरकार ने प्रश्नपत्र लीक को बंद दिया, कानून और व्यवस्था को मजबूत करने का काम किया और मोदी जी के नेतृत्व में राजस्थान को पूरे देश में निवेश के लिए अग्रणी स्थान बनाने का काम किया है।

उन्होंने कहा कि आज पूरे देश के निवेशक राजस्थान आना चाहते हैं और राजस्थान का भविष्य बहुत उज्ज्वल है।

शाह ने इस अवसर कुछ नव चयनित आरक्षकों को नियुक्ति पत्र भी प्रदान किए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा, गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास व पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा भी मौजूद थे।

भाषा पृथ्वी बाकोलिया संतोष

संतोष