बिहार सरकार को गंगोता समुदाय को एसटी का दर्जा देने संबंधी प्रस्ताव का औचित्य बताना होगा: केंद्र
बिहार सरकार को गंगोता समुदाय को एसटी का दर्जा देने संबंधी प्रस्ताव का औचित्य बताना होगा: केंद्र
नयी दिल्ली, 13 मार्च (भाषा) जनजातीय कार्य राज्य मंत्री दुर्गादास उइके ने कहा है कि भारत के महापंजीयक कार्यालय ने गंगोता समुदाय को अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा देने संबंधी बिहार सरकार के प्रस्ताव का औचित्य बताने को कहा है।
उइके ने बताया कि बिहार सरकार ने चार नवंबर 2019 को एक नृजातीय रिपोर्ट के साथ प्रस्ताव भेजा था।
मंत्री ने बृहस्पतिवार को लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा, ‘‘स्वीकृत प्रक्रिया के अनुसार, उक्त प्रस्ताव को भारत के महापंजीयक कार्यालय को जांच और टिप्पणी के लिए भेजा गया। महापंजीयक कार्यालय ने प्रस्ताव का समर्थन नहीं किया।’’
उन्होंने कहा, ‘‘महापंजीयक कार्यालय की टिप्पणियां फरवरी 2021 में बिहार सरकार को भेजी गई थीं, और उससे अनुरोध किया गया था कि यदि प्रस्ताव के संबंध में कोई स्पष्टीकरण/अतिरिक्त जानकारी हो तो वह उपलब्ध कराए।’’
मंत्री ने कहा, ‘‘निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार, केवल उन्हीं प्रस्तावों पर विचार किया जाएगा जो संबंधित राज्य सरकार/केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन द्वारा अनुशंसित किये गए हों और जिनका औचित्य बताया गया हो तथा जिन पर महापंजीयक कार्यालय और राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की सहमति हो। प्रस्तावों पर सभी कार्रवाई इन अनुमोदित प्रक्रियाओं के अनुसार की जाती हैं।’’
भाषा सुभाष वैभव
वैभव

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