महिला संबंधी विधेयक पर विशेष सत्र को बीजद और कांग्रेस ने बताया ‘नौटंकी’, भाजपा का पलटवार

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महिला संबंधी विधेयक पर विशेष सत्र को बीजद और कांग्रेस ने बताया ‘नौटंकी’, भाजपा का पलटवार

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  • Publish Date - April 26, 2026 / 12:04 PM IST,
    Updated On - April 26, 2026 / 12:04 PM IST

भुवनेश्वर, 26 अप्रैल (भाषा) ओडिशा में विपक्षी दलों बीजू जनता दल (बीजद) और कांग्रेस ने ‘‘भारतीय लोकतंत्र में महिलाओं की भागीदारी’’ पर चर्चा के लिए 30 अप्रैल को आहूत विधानसभा के विशेष सत्र को ‘‘राजनीति से प्रेरित’’ और ‘‘नौटंकी’’ करार दिया है।

दूसरी ओर, राज्य में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने विपक्षी दलों पर विधानसभा में महिला आरक्षण लागू करने के रास्ते में बाधा डालने का आरोप लगाया है।

लोकसभा में संविधान संशोधन विधेयक पारित नहीं होने के कुछ दिन बाद राज्य विधानसभा का यह सत्र आहूत किया गया है। संसद में खारिज हुए महिला आरक्षण संबंधी संविधान संशोधन विधेयक में 2029 से लोकसभा व विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने और लोकसभा सीट की संख्या बढ़ाकर 816 करने का प्रावधान था।

कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने इस विधेयक के खिलाफ मतदान किया।

बीजद के विधायक अरुण कुमार साहू ने शनिवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान विशेष सत्र को भाजपा की ‘‘नौटंकी’’ बताया।

उन्होंने सवाल किया, ‘‘महिला आरक्षण पर विशेष सत्र बुलाने की क्या जरूरत है, जबकि इस संबंध में विधेयक 2023 में ही पारित हो चुका है?’’

नेता प्रतिपक्ष नवीन पटनायक ने परिसीमन विधेयक के मद्देनजर ओडिशा के राजनीतिक अधिकारों पर चर्चा के लिए पहले ही विशेष सत्र आहूत करने की मांग की थी।

पूर्व मुख्यमंत्री पटनायक ने महिला आरक्षण संबंधी संविधान संशोधन विधेयक को परिसीमन विधेयक से अलग करने की मांग की थी, क्योंकि उन्हें आशंका थी कि परिसीमन विधेयक पारित होने पर संसद में राज्य का प्रतिनिधित्व कम हो जाएगा।

साहू ने कहा, ‘‘लेकिन सरकार ने विशेष सत्र के लिए कोई व्यवस्था नहीं की। अब संविधान संशोधन विधेयक के पारित नहीं होने के बाद भाजपा सड़कों पर रैलियां निकालकर और लोगों को गुमराह करके तमाशा कर रही है।’’

कांग्रेस विधायक अशोक दास ने भी सत्र पर आपत्ति जताते हुए इसे राजनीति से प्रेरित बताया।

उन्होंने कहा, ‘‘महिला आरक्षण विधेयक 2023 में हमारे समर्थन से संसद में पारित हुआ था। अब हम 2023 में पारित अधिनियम के कार्यान्वयन की मांग करते हैं। रैलियां और विशेष सत्र आयोजित करके नाटक करने का कोई मतलब नहीं है।’’

भाजपा के वरिष्ठ नेता और राज्य के मंत्री गोकुलानंद मलिक ने कहा कि संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण पर चर्चा के लिए विशेष सत्र बुलाया गया है।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं प्रधानमंत्री की महिला आरक्षण पहल का विरोध करने के लिए बीजद और कांग्रेस की कड़ी निंदा करता हूं। यह बीजद और कांग्रेस का पाखंड है। वे महिला आरक्षण लागू करने के रास्ते में बाधा डाल रहे हैं।’’

भाषा

खारी जोहेब

जोहेब