पश्चिम एशिया के हालात, कंपनियों के नतीजे और कच्चे तेल की चाल से तय होगी बाजार की दिशा

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पश्चिम एशिया के हालात, कंपनियों के नतीजे और कच्चे तेल की चाल से तय होगी बाजार की दिशा

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  • Publish Date - April 26, 2026 / 03:12 PM IST,
    Updated On - April 26, 2026 / 03:12 PM IST

नयी दिल्ली, 26 अप्रैल (भाषा) पश्चिम एशिया की भू-राजनीतिक स्थिति, कंपनियों के चौथी तिमाही के नतीजे और कच्चे तेल की कीमतें आने वाले सप्ताह में शेयर बाजार की दिशा तय करेंगी। इस सप्ताह शुक्रवार को ‘महाराष्ट्र दिवस’ के कारण शेयर बाजार बंद रहेंगे।

एनरिच मनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) पोनमुडी आर ने कहा, “आगे बाजार काफी हद तक खबरों पर आधारित और उतार-चढ़ाव वाला रह सकता है। निवेशकों की नजर अमेरिका-ईरान वार्ता, कच्चे तेल की कीमतों के रुझान और वैश्विक संकेतकों पर रहेगी। यदि तेल की कीमतों में स्थिरता या गिरावट आती है तो इससे आर्थिक चिंताओं में कमी आ सकती है, जबकि होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव बढ़ने या लंबे समय तक व्यवधान रहने से बाजार में फिर से अस्थिरता और मुनाफावसूली देखी जा सकती है।”

उन्होंने कहा कि चौथी तिमाही के नतीजे भी शेयर-विशिष्ट गतिविधियों के लिए प्रमुख कारक होंगे, जहां निवेशक कंपनियों के प्रदर्शन, भविष्य के मार्गदर्शन और विभिन्न क्षेत्रों के परिदृश्य पर नजर रखेंगे।

विश्लेषकों के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी हुई हैं, जिससे महंगाई को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दर संबंधी फैसले पर भी निवेशकों की नजर रहेगी।

लाइवलॉन्ग वेल्थ के संस्थापक और शोध विश्लेषक हरिप्रसाद के ने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव, विशेषकर होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास की स्थिति और अमेरिका-ईरान वार्ता में गतिरोध से वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ी है। इससे कच्चे तेल की कीमतों पर सीधा असर पड़ रहा है और ब्रेंट क्रूड 107 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना हुआ है।

उन्होंने कहा कि भारत के लिए ऊंची तेल कीमतें सबसे अहम आर्थिक कारक हैं, क्योंकि इससे महंगाई, रुपये और कंपनियों के मुनाफे पर दबाव पड़ता है।

पिछले सप्ताह सेंसेक्स 1,829.33 अंक (2.33 प्रतिशत) गिरा और निफ्टी 455.6 अंक (1.87 प्रतिशत) नीचे आया।

भाषा योगेश पाण्डेय

पाण्डेय