बीजद प्रमुख पटनायक ने ओडिशा के लोगों से नए खनन कानून का विरोध करने की अपील की

बीजद प्रमुख पटनायक ने ओडिशा के लोगों से नए खनन कानून का विरोध करने की अपील की

बीजद प्रमुख पटनायक ने ओडिशा के लोगों से नए खनन कानून का विरोध करने की अपील की
Modified Date: August 19, 2026 / 06:48 pm IST
Published Date: August 19, 2026 6:48 pm IST

भुवनेश्वर, 19 अगस्त (भाषा) बीजू जनता दल अध्यक्ष नवीन पटनायक ने ओडिशा की अर्थव्यवस्था ‘खतरे में’ होने का दावा करते हुए बुधवार को लोगों से नए खनन कानून का विरोध करने का आह्वान किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस कानून का मकसद राज्य को नुकसान पहुंचाना है।

राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता पटनायक ने लोगों को संबोधित एक लंबे वीडियो संदेश में आरोप लगाया कि ओडिशा की अर्थव्यवस्था और उसके लोगों को कमजोर करने के लिए राज्य के खिलाफ ‘खतरनाक साजिश’ रची गई है।

पटनायक का इशारा संसद में हाल ही में पारित खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 की ओर था।

उन्होंने कहा, ‘यह (नया खनन कानून) राज्य और उसके लोगों को नुकसान पहुंचाने वाला है। लेकिन केंद्र सरकार ने बिना किसी चर्चा के इतने महत्वपूर्ण संशोधन विधेयक को पारित कर दिया। राज्यसभा में केवल बीजद सांसदों ने इसका विरोध किया।’

पटनायक ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी को पत्र लिखकर इस कानून का विरोध किया है और उनसे नए खनन कानून पर चर्चा के लिए सर्वदलीय बैठक तथा विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने का अनुरोध किया है।

हालांकि, सत्तारूढ़ भाजपा ने दावा किया कि हाल ही में पारित खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन (एमएमडीआर संशोधन विधेयक) से ओडिशा को राजस्व का कोई नुकसान नहीं होगा, बल्कि अधिक प्रतिस्पर्धी खनन बाजार से राज्य को लाभ मिलेगा।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘ओडिशा और यहां की जनता के हितों से बढ़कर कोई नहीं है। हमें आज पार्टी के हितों के लिए नहीं, बल्कि भूमि के हितों के लिए एकजुट होना होगा। एमएमडीआर संशोधन विधेयक ने हमारी खदानों पर हमारे अधिकारों को समाप्त कर दिया है।’

कांग्रेस और वाम दलों ने भी नए खनन कानून का विरोध किया है और इस मुद्दे पर केंद्र सरकार के खिलाफ अभियान चलाने की घोषणा की है।

ओडिशा भाजपा के प्रवक्ता अनिल बिस्वाल ने पटनायक के आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया कि नए खनन कानून से राज्य को लाभ होगा।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस नीत केंद्र सरकार के दौरान 2013 में ओडिशा को खनन ‘रॉयल्टी’ से करीब 5,000 करोड़ रुपये मिले थे, जबकि 2015 में एमएमडीआर अधिनियम में संशोधन के बाद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार के तहत यह राशि बढ़कर करीब 48,000 करोड़ रुपये सालाना हो गई।

भाषा

शुभम वैभव

वैभव


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