बीजद प्रमुख की अपील: आदिवासी समाज के ज्ञान का सम्मान करें, उनके अधिकारों के लिए लड़ें

बीजद प्रमुख की अपील: आदिवासी समाज के ज्ञान का सम्मान करें, उनके अधिकारों के लिए लड़ें

बीजद प्रमुख की अपील: आदिवासी समाज के ज्ञान का सम्मान करें, उनके अधिकारों के लिए लड़ें
Modified Date: August 9, 2026 / 09:46 pm IST
Published Date: August 9, 2026 9:46 pm IST

भुवनेश्वर, नौ अगस्त (भाषा) ओडिशा विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और बीजू जनता दल (बीजद) के अध्यक्ष नवीन पटनायक ने रविवार को नागरिकों से आदिवासी समाज के पारंपरिक ज्ञान का सम्मान करने और उनकी सांस्कृतिक पहचान की रक्षा के लिए संघर्ष करने का आह्वान किया।

इसके साथ ही उन्होंने राज्य के 169 समुदायों को अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा देने की अपनी पुरानी मांग को फिर दोहराया।

पटनायक बीजद के राज्य मुख्यालय ‘शंख भवन’ में ‘विश्व मूलनिवासी दिवस’ और ‘अगस्त क्रांति दिवस’ के अवसर पर आयोजित एक विशेष कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

बीजद को आदिवासियों का ‘सबसे अच्छा मित्र’ बताते हुए पटनायक ने कहा कि उनकी पार्टी जनजातीय समाज के अधिकारों और सम्मान की लड़ाई लगातार लड़ रही है। उन्होंने सभी से आदिवासियों के ज्ञान का सम्मान करने और उनकी संस्कृति की रक्षा के लिए ईमानदारी से काम करने की सलाह दी।

पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने 24 साल (2000 से 2024) के शासनकाल की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि उनकी सरकार ने ओडिशा के 30 में से 23 जिलों में ‘विशेष विकास परिषदों’ (एसडीसी) का गठन कर आदिवासियों को विकास की प्रक्रिया में बराबर का भागीदार बनाया।

उन्होंने कहा कि इस कदम से आदिवासी समाज अपनी पवित्र कला, शिल्प, संगीत, परंपराओं और पवित्र स्थलों को सहेजने में खुद सक्षम बना।

पटनायक ने याद दिलाया कि उनके मुख्यमंत्रित्व काल में राज्य सरकार ने 169 जनजातीय समुदायों को एसटी सूची में शामिल करने के लिए केंद्र सरकार को आधिकारिक प्रस्ताव भेजा था।

उन्होंने कहा कि यह मांग अब तक पूरी नहीं हुई है और आश्वासन दिया कि बीजद इस अधिकार के लिए अपना संघर्ष जारी रखेगी।

भाषा

सुमित नरेश

नरेश


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