परिसीमन विधेयक दोबारा पेश होने पर ओडिशा के राजनीतिक अधिकारों के लिए लड़ेगी बीजद: मिश्रा
परिसीमन विधेयक दोबारा पेश होने पर ओडिशा के राजनीतिक अधिकारों के लिए लड़ेगी बीजद: मिश्रा
भुवनेश्वर, 12 जुलाई (भाषा) बीजू जनता दल (बीजद) ने रविवार को कहा कि यदि 20 जुलाई से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र में परिसीमन विधेयक दोबारा पेश किया जाता है, तो वह ओडिशा के राजनीतिक अधिकारों की रक्षा के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेगी।
यह बयान बीजद सांसद सन्तृप्त मिश्रा ने दिया, जो पार्टी अध्यक्ष नवीन पटनायक के राजनीतिक सचिव भी हैं।
मिश्रा ने संवाददाताओं से कहा, ‘परिसीमन के मुद्दे पर हमारा रुख बिल्कुल साफ है। यदि संसद में ओडिशा के राजनीतिक अधिकारों की रक्षा नहीं की जाती है, तो बीजद किसी भी कीमत पर इस विधेयक का समर्थन नहीं करेगी, भले ही लोकसभा और विधानसभा सीटों की संख्या बढ़ा दी जाए।’
उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय दल ओडिशा के राजनीतिक अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है, जो वर्तमान में संसद में 3.9 प्रतिशत है। बीजद का तर्क है कि परिसीमन विधेयक के प्रावधान ओडिशा जैसे उन दक्षिणी और पूर्वी राज्यों को नुकसान पहुंचाते हैं जिन्होंने जनसंख्या वृद्धि पर सफलतापूर्वक नियंत्रण पा लिया है। पुराने प्रावधानों के अनुसार, यदि यह विधेयक पारित होता है तो राष्ट्रीय प्रतिनिधित्व में ओडिशा की हिस्सेदारी लगभग 3.9 प्रतिशत से घटकर 3.4 प्रतिशत रह जाएगी।
यह पूछे जाने पर कि यदि प्रावधान में संशोधन कर ओडिशा का राष्ट्रीय प्रतिनिधित्व 3.9 प्रतिशत पर ही स्थिर रखा जाता है, तो मिश्रा ने कहा, ‘अगर ओडिशा के राजनीतिक अधिकारों की रक्षा होती है, तो हमें इस विधेयक पर कोई आपत्ति नहीं है।’
भाषा
सुमित वैभव
वैभव

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