‘शिक्षकों को कुत्तों की गणना में लगाने’ के दावे पर विधानसभा में भाजपा-आप में नोक-झोंक

‘शिक्षकों को कुत्तों की गणना में लगाने’ के दावे पर विधानसभा में भाजपा-आप में नोक-झोंक

‘शिक्षकों को कुत्तों की गणना में लगाने’ के दावे पर विधानसभा में भाजपा-आप में नोक-झोंक
Modified Date: January 6, 2026 / 10:34 pm IST
Published Date: January 6, 2026 10:34 pm IST

नयी दिल्ली, छह जनवरी (भाषा) दिल्ली विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को सत्तारूढ़ भाजपा के सदस्यों ने आम आदमी पार्टी (आप) के नेताओं से ‘शिक्षकों को आवारा कुत्तों की गिनती में लगाने’ वाला ‘झूठ’ फैलाने के लिए माफी की मांग की। इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के हंगामे को देखते हुए सदन की कार्यवाही दो बार स्थगित करनी पड़ी।

सदन की कार्यवाही मंगलवार सुबह 11 बजे शुरू हुई तो इस विषय पर भारतीय जनता पार्टी और आप के सदस्यों के बीच तीखी नोक-झोंक हुई। विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने सदस्यों से सदन की कार्यवाही चलने देने की अपील की, लेकिन हंगामा जारी रहने पर कार्यवाही आधे घंटे के लिए स्थगित कर दी।

कार्यवाही फिर से शुरू होने पर सत्ता पक्ष के विधायकों ने माफी की मांग करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत आप नेताओं के खिलाफ फिर नारेबाजी शुरू कर दी।

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गुप्ता ने सदन में व्यवधान खत्म कराने की कोशिश की, लेकिन विपक्षी सदस्यों ने भी विरोध में नारेबाजी शुरू कर दी। हंगामा नहीं थमने पर उन्होंने सदन की कार्यवाही अपराह्न एक बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

इससे पहले दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को पत्र लिखकर उनपर आवारा कुत्तों की गिनती के लिए सरकारी शिक्षकों की तैनाती को लेकर ‘गलत और भ्रामक बयान’ देने का आरोप लगाया था।

सूद ने पत्र में कहा, ‘‘इस मामले पर शासकीय परिपत्र पहले से ही सार्वजनिक है। उन्होंने इस मुद्दे पर पूर्व मुख्यमंत्री से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की।’’

इस बीच, नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने वायु प्रदूषण पर चर्चा की मांग करते हुए दावा किया कि देश के इतिहास में यह पहली बार है कि सत्ताधारी दल ने विपक्ष के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और फिर सदन छोड़ दिया।

आतिशी ने कहा, ‘‘दिल्ली में भाजपा सरकार प्रदूषण के मुद्दे से भाग रही है। प्रदूषण दिल्ली की सबसे बड़ी समस्या है। छोटे बच्चे स्टेरॉयड और इनहेलर की मदद से ही सांस ले पा रहे हैं।’’

उन्होंने कहा कि सत्ताधारी दल के पास प्रदूषण के मुद्दे पर कोई जवाब नहीं है, इसीलिए वह अपनी सरकार बचाने के लिए यह ‘नाटक’ कर रहा है।

भोजनावकाश के बाद जब सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई, तो विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने भाजपा विधायक अजय महावर द्वारा उठाए गए मुद्दे को जांच के लिए शिक्षा पर विभाग से संबंधित स्थायी समिति के पास भेज दिया।

दिनभर की कार्यवाही के दौरान भाजपा और आप विधायकों ने सदन के बाहर भी विरोध-प्रदर्शन और नारेबाजी की।

इस बीच, दिल्ली पुलिस ने शिक्षा निदेशालय की शिकायत पर एक प्राथमिकी दर्ज की है। इसमें कुछ सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं पर दिल्ली के स्कूल शिक्षकों द्वारा आवारा कुत्तों की गिनती किए जाने के संबंध में ‘झूठे और भ्रामक दावे’ फैलाने का आरोप लगाया गया है।

भाषा संतोष दिलीप

दिलीप


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