असम के 126 में से 103 सीटों पर भाजपा और उसके सहयोगियों के जीतने की प्रबल संभावना : हिमंत
असम के 126 में से 103 सीटों पर भाजपा और उसके सहयोगियों के जीतने की प्रबल संभावना : हिमंत
गुवाहाटी, चार जनवरी (भाषा) असम में इस साल मार्च-अप्रैल में होने वाले राज्य चुनावों से पहले प्रदेश के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने रविवार को दावा किया कि सत्ताधारी भाजपा और उसके सहयोगियों के 126 विधानसभा सीटों में से 103 पर जीतने की प्रबल संभावना है।
शर्मा ने कहा कि चुनाव के बारे में हालांकि अभी से अनुमान लगाना जल्दबाजी होगी, क्योंकि सत्ताधारी और विपक्षी दोनों पार्टियों ने अभी तक गठबंधन और सीट-बंटवारे की व्यवस्था को अंतिम रूप नहीं दिया है।
शर्मा ने कामरूप मेट्रोपॉलिटन जिले के डिमोरिया में एक कार्यक्रम के मौक पर पत्रकारों से बातचीत में कहा, ‘‘इस बार भाजपा के 103 सीटों पर जीतने की प्रबल संभावना है। पहले यह 90 थी। परिसीमन के बाद, यह संख्या 13-15 और बढ़ गई है।’’
परिसीमन का काम 2023 में पूरा हुआ था और लोकसभा एवं विधानसभा दोनों निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाओं का निर्धारण कुल सीटों की संख्या को प्रभावित किए बिना पुन: किया गया था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 103 सीटों पर भाजपा और उसके सहयोगियों की जीतने की संभावना अधिक है, जबकि लगभग 22 सीटों पर वे सिर्फ प्रतीकात्मक लड़ाई लड़ने की उम्मीद करते हैं, लेकिन जरूरी नहीं कि जीतें।
उन्होंने कहा, ‘‘हम 100 प्रतिशत सीटें जीतते हैं या 90 या 80 प्रतिशत तक सीमित रहते हैं, यह जनता तय करेगी।’’
मुख्यमंत्री ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई पर भी निशाना साधा और कहा कि विपक्षी नेता हर समय उनके बारे में ही सोचते रहते हैं।
उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, ‘‘गोगोई एलीट क्लास से हैं, वह राजा के परिवार से हैं। वह मुझे इतनी अहमियत दे रहे हैं, इससे मुझे खुशी होती है। मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं इतना अहम हो जाऊंगा। वह लगातार मेरे बारे में सोच रहे हैं।’’
शनिवार को जारी एक अनुमान के बारे में पूछे जाने पर, जिसमें राजग के लिए ‘हैट्रिक’ (लगातार तीसरी जीत) की भविष्यवाणी की गई है, शर्मा ने कहा, ‘‘यह भविष्यवाणियों का समय नहीं है क्योंकि राजग या संप्रग के गठबंधन भी साफ नहीं हैं। कौन सी पार्टी कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगी, यह साफ नहीं है।’’
उन्होंने हालांकि कहा कि अनुमान में भाजपा को आगे दिखाया गया है, लेकिन फरवरी तक तस्वीर और साफ हो जाएगी।
भाषा रंजन प्रशांत
प्रशांत

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