कोलकाता, 24 सितंबर (भाषा) पश्चिम बंगाल में नंदीग्राम उपचुनाव के लिए भाजपा उम्मीदवार हसीरानी रथ और निर्वाचन आयोग ने बृहस्पतिवार को कांग्रेस की ओर से कलकत्ता उच्च न्यायालय में दायर उस याचिका की पोषणीयता पर सवाल उठाया, जिसमें उम्मीदवार के हलफनामे में उनकी उम्र और स्कूल से पढ़ाई पूरी करने के वर्ष में कथित विसंगति का आरोप लगाया गया है।
रथ की ओर से पेश वकील ने न्यायमूर्ति कृष्ण राव की अदालत में कहा कि चुनाव से संबंधित किसी भी मुद्दे को चुनावी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही चुनाव याचिका के जरिये चुनौती दी जा सकती है।
निर्वाचन आयोग के वकील ने भी याचिका के सुनवाई योग्य होने पर सवाल उठाते हुए कहा कि चुनाव प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है और याचिकाकर्ता पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (डब्ल्यूबीपीसीसी) का इस मामले में कोई वैधानिक आधार नहीं है।
समय की कमी के कारण न्यायमूर्ति राव ने याचिका पर सुनवाई शुक्रवार तक के लिए स्थगित कर दी।
वकील रित्जु घोषाल ने अदालत को बताया कि रथ के हलफनामे में उनकी उम्र ‘‘60 वर्ष से अधिक’’ बताई गई है, जन्म वर्ष का उल्लेख नहीं किया गया है। साथ ही, उन्होंने 10वीं कक्षा की पढ़ाई पूरी करने का वर्ष 1965 बताया है।
घोषाल ने रथ की उम्र और शैक्षणिक योग्यता हासिल करने के समय को लेकर ‘‘विसंगति’’ की ओर इशारा किया।
घोषाल ने कहा कि प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों का सत्यापन करना निर्वाचन आयोग के अधिकारियों का दायित्व है।
रथ को भाजपा ने नंदीग्राम से उम्मीदवार बनाया है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी द्वारा सीट छोड़े जाने के बाद उपचुनाव आवश्यक हुआ है।
हसीरानी रथ, शुभेंदु अधिकारी के सहयोगी रहे चंद्रनाथ रथ की मां हैं। चंद्रनाथ की इस साल मई में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
भाषा शफीक पवनेश
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