राजस्थान के नगर निकाय चुनाव में भाजपा ने अनैतिकता की सारी हदें लांघी: अशोक गहलोत

राजस्थान के नगर निकाय चुनाव में भाजपा ने अनैतिकता की सारी हदें लांघी: अशोक गहलोत

राजस्थान के नगर निकाय चुनाव में भाजपा ने अनैतिकता की सारी हदें लांघी: अशोक गहलोत
Modified Date: September 26, 2026 / 06:58 pm IST
Published Date: September 26, 2026 6:58 pm IST

(फाइल फोटो के साथ)

जयपुर, 26 सितंबर (भाषा) राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शनिवार को सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर आरोप लगाया कि उसने हाल के नगर निकाय चुनाव में अनैतिकता की सारी हदें पार कर दी।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने महापौर और अध्यक्ष पदों के चुनाव के लिए पुलिस, प्रशासन और धनबल का निर्लज्ज दुरुपयोग किया गया।

गहलोत ने एक बयान में नव निर्वाचित पार्षदों, अध्यक्षों एवं उपाध्यक्षों को बधाई दी और उम्मीद जताई कि पक्ष-विपक्ष आपस में मिलकर जनता की परेशानियों और मुद्दों को हल करेंगे।

उन्होंने कहा, ‘‘परन्तु अफसोस है कि जिस तरह का चुनाव इस बार राजस्थान में हुआ है उसमें अनैतिकता की सारी हदें सत्ताधारी भाजपा ने पार कर दीं।’’

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि पहले मनमर्जी का परिसीमन किया जिसमें कांग्रेस समर्थित तीन-चार वार्डों को मिलाकर एक कर दिया और भाजपा समर्थक इलाकों में एक वार्ड को दो-तीन वार्डों में बांट दिया।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि इस हद तक बेईमानी की गई कि पति-पत्नी के वोट, एक ही घर में रहने वाले एक ही परिवार के सदस्यों के वोट अलग-अलग वार्ड में बंट गए।

उन्होंने कहा कि इतना ही नहीं, इसके बाद भी वे (भाजपा के नेता) एक साल तक चुनावों को टालते रहे तथा उच्च न्यायालय की फटकार के बाद चुनाव करवाने को मजबूर हुए।

उन्होंने कहा,‘‘महापौर और अध्यक्ष के चुनावों के लिए पुलिस, प्रशासन और धनबल का निर्लज्ज दुरुपयोग किया गया।’’

पूर्व मुख्यमंत्री ने कटाक्ष करते हुए कहा,‘‘जनता कह रही है कि इस बार भाजपा के नहीं, सरकारी बाहुबल और धनबल के महापौर और अध्यक्ष बने हैं। कई जगहों पर कांग्रेस ने ज्यादा वोट प्राप्त किए परन्तु गलत तरीके से किए गए परिसीमन के कारण हमारे पार्षदों की संख्या कम रही।’’

कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘आजादी के बाद इन चुनावों में पहली बार सत्ता और धनबल का ऐसा दुरुपयोग राजस्थान में हुआ जो चिंताजनक और दुखदायी है। यह सभी मतदाताओं, विशेषकर पहली बार वोट डालने वाले युवाओं के लिए भी चिंता का विषय है।’’

गहलोत के अनुसार जनता में यह धारणा बन गई है कि भाजपा ने धनबल के आधार पर महापौर, अध्यक्ष बनाए हैं और भाजपा अब निकायों को लूटने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी।

पूर्व मुख्यमंत्री ने इन नगर निकाय चुनाव में विजयी कांग्रेस के नवनिर्वाचित जन प्रतिनिधियों को भी बधाई दी और कहा कि उन्होंने सत्ता के खिलाफ बड़ी लड़ाई लड़कर जीत हासिल की है और जनता का विश्वास हासिल किया है।

गहलोत ने कांग्रेस के इन नवनिर्वाचित जन प्रतिनिधियों से आह्वान किया,‘‘राहुल गांधी एवं मल्लिकार्जुन खरगे के नेतृत्व में चल रही लड़ाई में हम सबको पूरी प्रतिबद्धता से उनका साथ देना है। हमें अब पंचायतीराज चुनावों में भी मजबूती से भाजपा का सामना कर कांग्रेस को जीत दिलानी है।’’

भाषा पृथ्वी राजकुमार

राजकुमार


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