शह मात The Big Debate: ‘झीरम’ अभी जिंदा है! दिल्ली पहुंचे पीड़ितों ने राहुल गांधी से की मुलाकात, झीरम कांड पर क्यों बढ़ी कांग्रेस की सक्रियता?

Jhiram Naxal Kand Update: झीरम कांड पर 13 साल बाद आए NIA कोर्ट के फैसले पर कांग्रेस ने फौरन तीखा ऐतराज जताया था।

शह मात The Big Debate: ‘झीरम’ अभी जिंदा है! दिल्ली पहुंचे पीड़ितों ने राहुल गांधी से की मुलाकात, झीरम कांड पर क्यों बढ़ी कांग्रेस की सक्रियता?

Jhiram Naxal Kand Update/Image Credit: IBC24

Modified Date: September 26, 2026 / 11:26 pm IST
Published Date: September 26, 2026 11:25 pm IST
HIGHLIGHTS
  • झीरम कांड पर 13 साल बाद आए NIA कोर्ट के फैसले पर कांग्रेस ने फौरन तीखा ऐतराज जताया था।
  • विपक्ष ने आरोप लगाया कि NIA कोर्ट का फैसला पीड़ितों के लिए पूरा न्याय नहीं है।
  • झीरम कांड के पीड़ितों ने दिल्ली में राहुल गांधी से मुलाकात की।

Jhiram Naxal Kand Update: रायपुर: झीरम कांड पर 13 साल बाद आए NIA कोर्ट के फैसले पर कांग्रेस ने फौरन तीखा ऐतराज जताया था। विपक्ष ने आरोप लगाया कि NIA कोर्ट का फैसला पीड़ितों के लिए पूरा न्याय नहीं है। पहले से तय कार्यक्रम के तहत छग कांग्रेस के दिग्गज नेता- PCC चीफ दीपक बैज, नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत, पूर्व सीएम भूपेश बघेल, पूर्व डिप्टी CM टीएस सिंहदेव, झीरम पीड़ित उमेश पटेल, अनिता योगेंद्र शर्मा, शिव सिंह ठाकुर, प्रदेश प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गैंदू, छवींद्र कर्मा समेत कई लोगों ने दिल्ली में राहुल गांधी से मुलाकात की। राहुल के सामने कांग्रेसियों ने प्रजेंटेंशन देते हुए बताया कि, जांच ऐजेंसी NIA ने ना तो बड़े नक्सलियों से पूछताछ की, ना ही राजनीतिक साजिश की जांच की…नेताओं ने मामले में राहुल गांधी से लीगल एडवाइज के लिए मदद मांगी।

मामले में राहुल गांधी ने मदद देने का भरोसा दिया है। साथ ही झीरम कांड के दौरान कांग्रेसियों की सुरक्षा को लेकर और जानकारी मांगी है दावा है कि कांग्रेस मसले पर तैयारी के साथ कोर्ट जाएगी। इधर, बीजेपी ने कांग्रेस के स्टैंड पर तंज कसा, भाजपा विधायक पुरंदर मिश्रा ने कहा कि मामले में जो भी लीपापोती हुई वो कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में ही ही हुई। (Jhiram Naxal Kand Update) आरोप लगाया कि कांग्रेसी नक्सली समर्थक रहे हैं…इसीलिए अब फिर मुद्दे को उठाने का प्रयास कर रहे हैं।

Jhiram Naxal Kand Update: वैसे जांच के दौरान भी सवाल उठा था कि झीरम कांड में आरोपियों में उन नामों को क्यों हटा दिया गया जो बड़े नक्सल लीडर रहे। घटना के सियासी षड़यंत्र के पहलू की भी कोई जांच नहीं की गई। कांग्रेस का शुरू से आरोप रहा है कि उनके काफिले को जानबूझकर सुरक्षा नहीं दी गई। सवाल ये है कि दिल्ली दौरे का बाद क्या वाकई कांग्रेस इस पर कानूनी लड़ाई के लिए आगे कदम बढ़ाएगी?

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