भाजपा ने फार्मेसी अधिकारी परीक्षा में नकल मामले की सीबीआई से जांच की मांग की

भाजपा ने फार्मेसी अधिकारी परीक्षा में नकल मामले की सीबीआई से जांच की मांग की

भाजपा ने फार्मेसी अधिकारी परीक्षा में नकल मामले की सीबीआई से जांच की मांग की
Modified Date: July 27, 2026 / 09:25 pm IST
Published Date: July 27, 2026 9:25 pm IST

चंडीगढ़, 27 जुलाई (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता तरुण चुघ ने पंजाब में बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज द्वारा आयोजित फार्मेसी अधिकारी भर्ती परीक्षा में हाल में सामने आए नकल गिरोह की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच की सोमवार को मांग की।

भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव चुघ ने कहा कि इस घोटाले ने आम आदमी पार्टी (आप) नेतृत्व के ‘दोहरे मापदंड’ को उजागर कर दिया है।

उन्होंने कहा कि जिस पार्टी ने अपनी पूरी राजनीति साफ-सुथरे प्रशासन के वादे पर बनाई थी, आज वह ‘उसी तंत्र को बचा रही है, जो सबसे ऊंची बोली लगाने वालों को सरकारी नौकरियां नीलाम कर रहा है, जबकि मुख्यमंत्री आंखें मूंदे बैठे हैं।

राज्यसभा सदस्य चुघ के अनुसार, 19 जुलाई को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की ओर से बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज द्वारा आयोजित परीक्षा में फरीदकोट, कोटकपूरा और फिरोजपुर के 25 केंद्रों पर फार्मेसी अधिकारी के 454 पदों के लिए करीब 7,000 अभ्यर्थी शामिल हुए थे।

उन्होंने एक बयान में कहा कि जांचकर्ताओं ने परीक्षा केंद्रों के अंदर सक्रिय एक सुनियोजित नकल नेटवर्क का खुलासा किया, जिसमें पेन कैमरे, ईयरपीस और बैटरी से चलने वाले वायरलेस माइक्रो-डिवाइस बरामद किए गए। उन्होंने कहा कि इन उपकरणों के जरिए अभ्यर्थियों को वास्तविक समय में उत्तर भेजे जा रहे थे।

चुघ ने कहा कि पुलिस जांच में 28 अभ्यर्थियों को हिरासत में लिया गया, गिरोह के सात प्रमुख लोगों को गिरफ्तार किया गया और 27 वायरलेस संचार उपकरण बरामद किए गए।

पुलिस के अनुसार, इस गिरोह ने परीक्षा पास कराने के लिए इच्छुक अभ्यर्थियों से 3.5 लाख रुपये से 13 लाख रुपये तक की रकम ली थी।

इस बीच, भाजपा की पंजाब के महासचिव अनिल सरीन ने भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार पर भर्ती परीक्षाओं की निष्पक्षता बनाए रखने में बार-बार विफल रहने का आरोप लगाते हुए कहा कि उसने जनता को धोखा दिया है।

सरीन ने यहां संवाददाताओं से कहा कि बाबा फरीद विश्वविद्यालय में हुई घटना कोई अलग मामला नहीं है, बल्कि यह व्यवस्था की विफलता का हिस्सा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि प्रश्नपत्र को परीक्षा केंद्र के अंदर स्कैन किया गया, बाहर भेजा गया, उसे हल किया गया और फिर ब्लूटूथ उपकरणों के माध्यम से अभ्यर्थियों तक उत्तर पहुंचाए गए।

सरीन ने कहा कि रजिस्ट्रार ने स्वयं माना था कि अधिकारियों को ऐसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के इस्तेमाल की आशंका के बारे में पहले से खुफिया जानकारी थी। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद सरकार धोखाधड़ी रोकने में विफल रही।

भाजपा ने कथित चूक को लेकर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह और शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के इस्तीफे की मांग की है।

भाषा अमित दिलीप

दिलीप


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