बंगाल में भाजपा सरकार ‘उप्र की शैली वाले मुठभेड़’ को अपनाएगी, पुलिस का चरित्र बदला जाएगा:दिलीप घोष

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बंगाल में भाजपा सरकार ‘उप्र की शैली वाले मुठभेड़’ को अपनाएगी, पुलिस का चरित्र बदला जाएगा:दिलीप घोष

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  • Publish Date - March 26, 2026 / 07:38 PM IST,
    Updated On - March 26, 2026 / 07:38 PM IST

कोलकाता/खड़गपुर, 26 मार्च (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता दिलीप घोष ने बृहस्पतिवार को दावा किया कि अगर उनकी पार्टी पश्चिम बंगाल में सत्ता में आती है, तो पुलिस में पूरी तरह से बदलाव किया जाएगा और वह अपराधियों के विरुद्ध ‘‘उत्तर प्रदेश की शैली में भुठभेड़’’ करना शुरू कर देगी।

खड़गपुर में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में पुलिस अभी सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के इशारे पर काम करती है और अपराधियों तथा ‘माफिया’ के खिलाफ कार्रवाई करने में नाकाम रहती है।

घोष ​​ने कहा, ‘‘चार मई के बाद सब कुछ बदल जाएगा। जिस पुलिस को आप आज माफिया के साथ बैठकर चाय पीते हुए और भ्रष्ट नेताओं के ‘चमचे’ के तौर पर काम करते हुए देखते हैं, उसका चरित्र बदल जाएगा। वही पुलिस उत्तर प्रदेश की शैली में मुठभेड़ करेगी और अपराधियों को सलाखों के पीछे डालेगी।’’

उनके इन बयानों ने राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया। तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा पर खुले तौर पर गैर-न्यायिक तरीके से हिंसा का समर्थन करने का आरोप लगाया।

बेबाक और आक्रामक राजनीतिक शैली रखने वाले घोष ने आलोचनाओं से बेपरवाह रहते हुए तृणमूल पर अपना हमला और तेज कर दिया, और दावा किया कि उन्होंने खड़गपुर में लंबे समय तक ‘गुंडों और माफिया’ से लड़ाई लड़ी है और आगे भी लड़ते रहेंगे।

उन्होंने कहा, ‘‘मैंने खड़गपुर में गुंडों और माफिया के खिलाफ कई लड़ाइयां लड़ी हैं, और मैं फिर लड़ूंगा। लेकिन शायद इस बार इसकी जरूरत न पड़े। एक बार जब भाजपा सत्ता में आ जाएगी, तो अपराध में शामिल हर व्यक्ति पकड़ा जाएगा और जेल भेजा जाएगा।’’

घोष ने 2016 से 2019 तक विधानसभा में खड़गपुर सदर का प्रतिनिधित्व किया था और उनको भाजपा ने इस सीट पर फिर से मैदान में उतारा है। यह सीट कभी पश्चिम बंगाल में पार्टी के शुरुआती राजनीतिक गढ़ों में से एक थी, जब पार्टी ने अपने पारंपरिक क्षेत्रों से बाहर विस्तार करना शुरू किया था।

घोष ने कहा, ‘‘हमारे खिलाफ मामले दर्ज किए गए, जिनमें आरोप लगाया गया कि हमने लोगों को हथियारों के बल पर धमकाया। लेकिन अगर कोई डरता है, तो घोष जाहिर तौर पर उसे डराएगा। आपको डरने की क्या जरूरत है? अगर आपमें हिम्मत है, तो आमने-सामने आइए। अगर वे पुलिस की मदद से लूटपाट कर सकते हैं, चोरी कर सकते हैं और मतदाताओं को डरा-धमका सकते हैं, तो हम उन्हें चुनौती क्यों नहीं दे सकते?’’

उन्होंने कहा, ‘‘मैंने हमेशा अपने विरोधियों को चौंकाते हुए राजनीति की है। खड़गपुर के लोगों ने इसी वजह से मुझे वोट दिया था, और वे फिर से मुझे ही वोट देंगे।’’

इससे पहले दिन में, अपने समर्थकों के साथ चाय पर चर्चा के दौरान घोष ने राज्य प्रशासन पर चुनाव प्रचार के दौरान सत्ताधारी पार्टी के पक्ष में भेदभाव करने का आरोप लगाया।

उन्होंने आरोप लगाया कि शिकायतें मिलने के बावजूद पुलिस मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के ‘कटआउट’ हटाने में आनाकानी कर रही थी, और भाजपा ने इस मुद्दे पर निर्वाचन आयोग से संपर्क किया है।

भाषा वैभव संतोष

संतोष