ह्यूस्टन, 26 मार्च (भाषा) हाइड्रोकार्बन महानिदेशक (डीजीएच) श्रीकांत नागुलपल्ली ने कहा है कि भारत का लक्ष्य 2030 तक 100 अरब डॉलर का निवेश आकर्षित करना और अन्वेषण क्षेत्र को 10 लाख वर्ग किलोमीटर तक बढ़ाना है।
नागुलपल्ली ने एसएंडपी ग्लोबल 2026 द्वारा आयोजित सेरावीक में अंतरराष्ट्रीय निवेशकों को निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए प्रमुख नीतिगत सुधारों, आंकड़ों तक पहुंच और खोज अवसरों के बारे में जानकारी दी।
भारत ने 24 मार्च को एक जनसंपर्क कार्यक्रम में 100 अरब डॉलर के खोज और उत्पादन क्षेत्र में निवेश रूपरेखा को प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि भारत इस मामले में वैश्विक पूंजी के लिए एक प्रमुख गंतव्य है। वहीं उद्योग जगत के नेताओं ने वैश्विक स्तर पर जारी संघर्ष से जुड़े जोखिमों और जटिल ऊर्जा बदलाव को लेकर चेतावनी दी।
ह्यूस्टन में भारत के महावाणिज्यदूत डीसी मंजुनाथ ने कहा कि यह पहल ऊर्जा क्षेत्र में भारत और अमेरिका के बीच बढ़ते रणनीतिक तालमेल को दर्शाती है।
उन्होंने कहा, ‘‘भारत-अमेरिका ऊर्जा सहयोग में रणनीतिक तालमेल बढ़ रहा है। हम एक प्रतिस्पर्धी, निवेशक-अनुकूल परिवेश का निर्माण कर रहे हैं जहां अमेरिकी प्रौद्योगिकी और भारतीय संसाधन न केवल मिलते हैं, बल्कि साथ-साथ फलते-फूलते भी हैं।’’
नागुलपल्ली ने कहा कि भारत का लक्ष्य 2030 तक 100 अरब डॉलर का निवेश आकर्षित करना और खोज क्षेत्र का 10 लाख वर्ग किलोमीटर तक विस्तार करना है।
उन्होंने कहा, ‘‘भविष्य के बारे में सोचने वाले किसी भी निवेशक के लिए, भारत निवेश को लेकर उपयुक्त और आकर्षक जगह है।’’
भाषा रमण अजय
अजय