बांग्लादेश के नेता की हत्या के दो आरोपियों को दिल्ली की अदालत ने 11 दिन की एनआईए हिरासत में भेजा

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बांग्लादेश के नेता की हत्या के दो आरोपियों को दिल्ली की अदालत ने 11 दिन की एनआईए हिरासत में भेजा

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  • Publish Date - March 26, 2026 / 08:12 PM IST,
    Updated On - March 26, 2026 / 08:12 PM IST

नयी दिल्ली, 26 मार्च (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने बांग्लादेश के राजनीतिक कार्यकर्ता उस्मान हादी की हत्या के दो आरोपियों को 11 दिन की एनआईए हिरासत में भेज दिया है।

उस्मान हादी की दिन-दहाड़े हुई हत्या के बाद पड़ोसी देश में बड़े पैमाने पर हिंसा भड़क गई थी।

दोनों आरोपी, बांग्लादेशी नागरिक – फैसल करीम मसूद उर्फ ​​राहुल (37) और आलमगीर हुसैन (34) क्रमशः पटुआखाली और ढाका के रहने वाले हैं। इन्हें पश्चिम बंगाल के विशेष कार्य बल (एसटीएफ) ने 7 और 8 मार्च की दरमियानी रात को उत्तरी 24 परगना जिले के सीमावर्ती शहर बनगांव से गिरफ्तार किया था।

राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) 23 मार्च की शाम को इन्हें ट्रांजिट रिमांड पर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली लाई और अगले दिन इन्हें अदालत में पेश किया गया।

मंगलवार को सुनवाई के दौरान, विशेष सरकारी वकील राहुल त्यागी ने आरोपियों की एनआईए हिरासत का अनुरोध करते हुए कहा कि पूरी साजिश का पर्दाफाश करने के लिए विस्तृत जांच की आवश्यकता है।

एजेंसी की इस अपील को स्वीकार करते हुए, अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रशांत शर्मा ने दोनों आरोपियों को 11 दिन की एनआईए हिरासत में भेज दिया।

इससे पहले, एसटीएफ ने एक बयान जारी कर कहा था कि उन्हें विश्वसनीय जानकारी मिली थी कि दो बांग्लादेशी नागरिक, बांग्लादेश में रंगदारी और हत्या जैसे गंभीर अपराधों को अंजाम देने के बाद, वहां से भागकर अवैध रूप से भारत में घुस आए।

बयान में कहा गया था कि ये दोनों आरोपी मेघालय सीमा के रास्ते भारतीय क्षेत्र में दाखिल हुए और भारत के अलग-अलग हिस्सों से होते हुए, अंततः इस इरादे से बनगांव पहुंचे थे कि मौका मिलते ही वे वापस बांग्लादेश चले जाएंगे।

बयान में कहा गया, ‘‘वे बनगांव के सीमावर्ती इलाके में इस इरादे से पनाह लेने की कोशिश कर रहे थे कि जैसे ही मौका मिलेगा, वे वापस बांग्लादेश चले जाएंगे।’’

एसटीएफ के अनुसार, हादी की हत्या के आरोपी इन दोनों लोगों को एक छापेमारी के दौरान पकड़ा गया। बांग्लादेश के छात्र नेता और ‘इंकलाब मंच’ के प्रवक्ता हादी को 12 दिसंबर 2025 को ढाका में गोली मार दी गई थी। हादी को बेहतर इलाज के लिए सिंगापुर ले जाया गया था। उनकी 18 दिसंबर को मृत्यु हो गई।

भाषा वैभव सुभाष

सुभाष