बंगाल सरकार के आचरण पर राष्ट्रपति की नाराजगी के बाद भाजपा ने तृणमूल पर साधा निशाना

बंगाल सरकार के आचरण पर राष्ट्रपति की नाराजगी के बाद भाजपा ने तृणमूल पर साधा निशाना

बंगाल सरकार के आचरण पर राष्ट्रपति की नाराजगी के बाद भाजपा ने तृणमूल पर साधा निशाना
Modified Date: March 7, 2026 / 10:22 pm IST
Published Date: March 7, 2026 10:22 pm IST

नयी दिल्ली, सात मार्च (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शनिवार को आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस सरकार ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का ‘अपमान’ कर अपने अराजक व्यवहार से और नीचे चली गई है। पार्टी ने इसे आदिवासी समाज और देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद का भी अपमान बताया।

पार्टी ने कहा कि यह बेहद ‘चिंताजनक और परेशान करने वाला’ है कि राष्ट्रपति मुर्मू को सिलीगुड़ी दौरे के दौरान अपर्याप्त व्यवस्थाओं और प्रोटोकॉल में गंभीर चूक पर चिंता व्यक्त करनी पड़ी।

भाजपा की यह प्रतिक्रिया राष्ट्रपति मुर्मू द्वारा राज्य में आयोजित संथाल सम्मेलन के स्थल में बदलाव और उनकी यात्रा के दौरान पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनके मंत्रियों की अनुपस्थिति पर नाराजगी व्यक्त करने के बाद आई है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा, “पश्चिम बंगाल में तृणमूल सरकार आज अपने अराजक व्यवहार से और भी निचले स्तर पर गिर गई। उसने प्रोटोकॉल की पूरी तरह अनदेखी कर राष्ट्रपति का अपमान किया।’’

उन्होंने कहा, “…तृणमूल सरकार न केवल नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों का मनमाने ढंग से उल्लंघन करती है, बल्कि राष्ट्रपति को भी नहीं बख्शती।”

शाह ने कहा कि भारत के सर्वोच्च संवैधानिक पद का “अपमान”, वह भी आदिवासी बहनों और भाइयों द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में, राष्ट्र और उन मूल्यों का अपमान है जो भारत के संवैधानिक लोकतंत्र की पहचान हैं।

पश्चिम बंगाल के भाजपा सह-प्रभारी अमित मालवीय ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में आज की घटनाएं ममता बनर्जी सरकार के तहत ‘‘संवैधानिक ढांचे के पूर्ण पतन’’ की ओर इशारा करती हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘एक दुर्लभ और अभूतपूर्व घटनाक्रम में, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सिलीगुड़ी यात्रा के दौरान तैयारियों और प्रोटोकॉल के अभाव पर नाराजगी व्यक्त की। इससे भी अधिक चौंकाने वाली बात यह है कि राज्य सरकार ने अंतरराष्ट्रीय संथाली सम्मेलन के लिए अनुमति देने से इनकार कर दिया, जहां राष्ट्रपति मुख्य अतिथि थीं।’’

भाषा अविनाश माधव

माधव


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