संगरूर (पंजाब), दो सितंबर (भाषा) पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बुधवार को दावा किया कि भाजपा तीनों ‘‘काले’’ कृषि कानूनों को वापस लाने की शर्त पर शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के साथ समझौता करने की तैयारी कर रही है।
मान ने आरोप लगाया कि प्रस्तावित अकाली-भाजपा गठबंधन केवल ‘‘राजनीतिक फायदे’’ के लिए बनाया जा रहा है।
मान ने कहा कि शिअद सत्ता हासिल करने के लिए ‘‘पंजाब में कुछ भी बेचने’’ को तैयार है और दावा किया कि पंजाबी कभी भाजपा को वोट नहीं देंगे।
मान ने आरोप लगाया कि भाजपा वोट हासिल करने के लिए सांप्रदायिक विभाजन का इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब विश्वविद्यालय के छात्र संघ चुनाव में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की जीत ने दोनों दलों के बीच ‘‘गठजोड़’’ को उजागर कर दिया है।
मान के मुताबिक, इस चुनाव में अकाली दल के छात्र संगठन ‘स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन ऑफ इंडिया’ ने एबीवीपी का समर्थन किया था।
संगरूर में एक सभा को संबोधित करते हुए मान ने कहा कि अकाली दल हमेशा पंजाब के हितों के खिलाफ काम करने वाली ताकतों से हाथ मिलाकर ‘‘पंजाब विरोधी’’ रुख अपनाता रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रस्तावित अकाली-भाजपा गठबंधन केवल ‘‘राजनीतिक फायदे’’ के लिए बनाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने लोगों को आगाह किया कि अगर अकाली-भाजपा गठबंधन सत्ता में आता है तो वह किसानों पर एक बार फिर ‘‘कठोर’’ कृषि कानून थोप सकता है।
भाषा शफीक रंजन
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