कोयला भट्ठे पर बंधुआ मजदूर बनाकर रखे गए आदिवासी परिवार को छुड़ाया गया, दो गिरफ्तार

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कोयला भट्ठे पर बंधुआ मजदूर बनाकर रखे गए आदिवासी परिवार को छुड़ाया गया, दो गिरफ्तार

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  • Publish Date - September 3, 2026 / 01:05 AM IST,
    Updated On - September 3, 2026 / 01:05 AM IST

नासिक, दो सितंबर (भाषा) महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के एक आदिवासी कातकरी परिवार को कथित तौर पर बंधुआ मजदूर बनाकर रखने के आरोप में एक व्यक्ति और उसके बेटे को गिरफ्तार किया गया है।

एक अधिकारी ने बताया कि रायगढ़ जिले के जांभुलपाड़ा निवासी तुलसीराम नाथू पवार (42) और उनका परिवार नासिक जिले की देवला तहसील के भौर में रमेश महादेव पवार की कोयला भट्ठी पर काम करता था।

उन्होंने बताया कि परिवार को कथित तौर पर प्रताड़ना का सामना करना पड़ा।

अधिकारी ने कहा कि भट्ठे के मालिक ने कथित तौर पर परिवार को बंधक बनाकर कड़ी निगरानी में रखा और उनकी रोजमर्रा की आवाजाही पर भी पाबंदी लगा दी। उसने 17, 15 और 13 साल के नाबालिग बच्चों से भी रोजाना सुबह सात बजे से शाम सात बजे तक जबरन कठिन मजदूरी कराई।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि 23 अगस्त को रमेश पवार नशे की हालत में परिवार के पास पहुंचा और उसे शक था कि परिवार कहीं और काम करने की योजना बना रहा है। रमेश और उसके बेटे कृष्णा पवार ने कथित तौर पर तुलसीराम के बेटे सोमनाथ के साथ मारपीट की। जब उसकी नाबालिग बेटियों ने बीच-बचाव की कोशिश की तो दोनों ने उन्हें भी थप्पड़ मारे।

सोमनाथ ने 30 अगस्त को सामाजिक संगठन श्रमजीवी संगठन के कार्यकर्ता संजय पवार से संपर्क किया। संगठन के महासचिव विजय जाधव ने बताया कि 31 अगस्त को रायगढ़ और नासिक के कार्यकर्ताओं की एक टीम भौर पहुंची, परिवार को वहां से छुड़ाया और देवला थाने ले आई।

मंगलवार को देवला पुलिस ने रमेश पवार और कृष्णा पवार के खिलाफ मामला दर्ज किया। मामले की जांच जारी थी।

भाषा तान्या रंजन

रंजन