मंत्री नागेंद्र को हटाने की मांग को लेकर विधान सौध का घेराव करने जा रहे भाजपा नेता हिरासत में लिए गए

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मंत्री नागेंद्र को हटाने की मांग को लेकर विधान सौध का घेराव करने जा रहे भाजपा नेता हिरासत में लिए गए

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  • Publish Date - August 24, 2026 / 12:42 PM IST,
    Updated On - August 24, 2026 / 12:42 PM IST

बेंगलुरु, 24 अगस्त (भाषा) वाल्मीकि निगम घोटाले में कथित संलिप्तता को लेकर मंत्री बी. नागेंद्र को मंत्रिमंडल से हटाने की मांग को लेकर सोमवार को विधान सौध का घेराव करने जा रहे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेताओं बी. वाई. विजयेंद्र, आर. अशोक और अन्य को पुलिस ने एहतियातन हिरासत में ले लिया।

विरोध प्रदर्शन के आह्वान पर भाजपा और उसकी सहयोगी पार्टी जनता दल (सेक्युलर) के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में बेंगलुरु के विभिन्न हिस्सों तथा अन्य जिलों से यहां पहुंचे।

प्रदर्शनकारियों को परिसर में प्रवेश करने से रोकने के लिए पुलिस ने विधान सौध के पास अवरोध लगा दिए और द्वारों पर भारी पुलिस बल तैनात किया था।

विधान परिषद सदस्य एन. रविकुमार और सी. टी. रवि सहित भाजपा नेताओं के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने विधान सौध की ओर बढ़ने की कोशिश की, जिससे पुलिस के साथ उनकी तीखी धक्का-मुक्की हुई।

पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया और उन्हें ले जाने के लिए बेंगलुरु महानगर परिवहन निगम की बसें तैनात की गईं।

भाजपा ने विधान परिषद में विपक्ष के नेता सी. नारायणस्वामी के नेतृत्व में ‘फ्रीडम पार्क’ में भी एक समानांतर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस सरकार के खिलाफ नारेबाजी की व नागेंद्र के इस्तीफे की मांग की।

भाजपा का कहना है कि कर्नाटक महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम लिमिटेड में कथित अनियमितताओं के बाद 2024 में मंत्री पद से इस्तीफा देने वाले नागेंद्र को फिर से मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया जाना चाहिए।

यह कथित घोटाला निगम के धन को विभिन्न बैंक खातों में अवैध रूप से अंतरित किए जाने के बाद सामने आया था। निगम के लेखा अधीक्षक पी. चंद्रशेखरन द्वारा आत्महत्या किए जाने और एक पत्र बरामद होने के बाद इस मामले ने तूल पकड़ लिया।

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने बाद में मामले की जांच की और आरोपपत्र दाखिल किया, जिसमें नागेंद्र का नाम शामिल था। भाजपा ने आरोपपत्र और सीबीआई द्वारा राज्यपाल को भेजे गए पत्र का हवाला देते हुए उन्हें मंत्रिमंडल से हटाने की मांग की है।

विवाद के बीच नागेंद्र ने पहले मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। बाद में डी. के. शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्हें फिर से मंत्रिमंडल में शामिल किया गया।

प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए विजयेंद्र ने कांग्रेस सरकार पर भाजपा के आंदोलन को ‘‘दबाने की कोशिश’’ करने का आरोप लगाया और प्रदर्शनकारियों को ‘‘गुंडा’’ बताने के लिए शिवकुमार पर पलटवार किया।

विजयेंद्र ने विपक्ष को ‘‘गुंडा’’ कहने के मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार के बयान का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘शिवकुमार, गुंडे आप हैं। हमें यह सिखाने की जरूरत नहीं है कि गुंडागर्दी क्या होती है। आज आप हमारे विरोध प्रदर्शन को दबाने की कोशिश कर रहे हैं।’’

विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक ने नागेंद्र के इस्तीफे की मांग की और उन्हें मंत्रिमंडल में दोबारा शामिल किए जाने पर सवाल उठाए।

भाजपा नेताओं ने कहा कि जब तक नागेंद्र को मंत्रिमंडल से नहीं हटाया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

भाषा खारी वैभव

वैभव