मोदी के साथ महिला की कथित अश्लील तस्वीर बनाने और प्रसारित करने के मामले की सुनवाई करेगी अदालत

मोदी के साथ महिला की कथित अश्लील तस्वीर बनाने और प्रसारित करने के मामले की सुनवाई करेगी अदालत

मोदी के साथ महिला की कथित अश्लील तस्वीर बनाने और प्रसारित करने के मामले की सुनवाई करेगी अदालत
Modified Date: September 25, 2026 / 04:30 pm IST
Published Date: September 25, 2026 4:30 pm IST

नयी दिल्ली, 25 सितंबर (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय शुक्रवार को एक महिला की उस याचिका पर तत्काल सुनवाई करने के लिए सहमत हो गया, जिसमें उसने कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के नेताओं- सौरभ दास, अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और रत्ना सिंह- पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ उसकी ‘डीपफेक’ अश्लील तस्वीरों को ‘मॉर्फ’ करके प्रसारित करने का आरोप लगाया है।

याचिका में कुछ ऐसी कथित रूप से फर्जी और डीपफेक तस्वीरों को हटाने का अनुरोध किया गया है, जिनमें महिला के बदले हुए चेहरे को प्रधानमंत्री के साथ अश्लील तस्वीरों में दिखाया गया है।

याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता उमेश शर्मा ने मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया की पीठ के समक्ष मामले का विशेष उल्लेख करते हुए त्वरित सुनवाई का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि इस संबंध में पहले ही प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है। खंडपीठ ने इसके बाद मामले को शुक्रवार को सूचीबद्ध करने की अनुमति दे दी।

हालांकि, उन्होंने दलील दी कि जिम्मेदार लोगों को पकड़ने या वायरल डीपफेक लिंक को तत्काल हटाने अथवा उन्हें अवरुद्ध करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

याचिका में कहा गया, “नयी दिल्ली के जंतर-मंतर पर हाल में आयोजित कॉजपा के प्रदर्शनों के दौरान, प्रतिवादी संख्या दो से पांच (कॉजपा नेताओं) ने अपने सक्रिय सहयोगियों के साथ मिलकर याचिकाकर्ता की निजी तस्वीर को अनधिकृत रूप से हासिल किया और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित फेस-स्वैपिंग उपकरणों का इस्तेमाल कर उसका चेहरा प्रधानमंत्री के साथ एक बेहद अश्लील और आपत्तिजनक तस्वीर के साथ मॉर्फ कर दिया।”

भाषा रंजन सुरेश

सुरेश


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