रांची, आठ सितंबर (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की झारखंड इकाई ने भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ 26 दिन के आंदोलन के दौरान अभ्यर्थियों पर दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग को लेकर मंगलवार को छह जिलों में प्रदर्शन किया और उपायुक्तों व पुलिस अधीक्षकों के कार्यालयों का घेराव किया।
पार्टी ने भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की भी मांग की।
रांची, गिरिडीह और हजारीबाग में 23 अगस्त को विरोध प्रदर्शनों के दौरान पुलिस तथा अभ्यर्थियों के बीच हुई झड़पों के बाद 50 से अधिक नामजद और 1,100 से अधिक अज्ञात प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कम से कम छह प्राथमिकी दर्ज की गई थीं।
भाजपा की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष आदित्य साहू ने रांची में विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया, जबकि नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने दुमका में प्रदर्शन की अगुवाई की।
राज्य की राजधानी रांची में, भाजपा कार्यकर्ताओं ने जिला स्कूल मैदान से विरोध मार्च निकाला और जिलाधिकारी कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया। उन्होंने आंदोलन के दौरान छात्रों पर दर्ज मुकदमों को तुरंत वापस लेने की मांग करते हुए राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
साहू ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘पुलिस ने उन छात्रों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है, जिन्होंने पिछले महीने विभिन्न जिलों में मार्च निकाला था। पुलिस उनके घरों और कोचिंग सेंटरों पर छापेमारी कर उन्हें डरा-धमका रही है। हम ऐसी कार्रवाई को रोकने और उनके खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग करते हैं।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) द्वारा आयोजित भर्ती परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है।
उन्होंने कहा, ‘‘हम भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी की सीबीआई जांच की मांग करते हैं।’’
पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने हजारीबाग में और मधु कोड़ा ने जमशेदपुर में प्रदर्शनों का नेतृत्व किया, जबकि रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने गढ़वा में प्रदर्शन की अगुवाई की।
पार्टी पदाधिकारियों ने कहा कि ऐसे विरोध प्रदर्शन नौ सितंबर को कोडरमा, साहिबगंज, बोकारो, पलामू, सिमडेगा और चाईबासा में; 10 सितंबर को सरायकेला-खरसावां, पाकुड़, धनबाद, गुमला, लातेहार और चतरा में; तथा 11 सितंबर को रामगढ़, देवघर, लोहरदगा, खूंटी, गोड्डा और जामताड़ा में आयोजित किए जाएंगे।
परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ अभ्यर्थियों के 26 दिवसीय प्रदर्शन का नेतृत्व करने वाले ‘जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच’ ने पांच सितंबर को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से राज्यभर में आंदोलन के दौरान छात्रों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने का आग्रह किया था।
भाषा खारी अविनाश
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