वंदे मातरम् पर कांग्रेस के निर्णय की भाजपा प्रस्ताव में आलोचना

वंदे मातरम् पर कांग्रेस के निर्णय की भाजपा प्रस्ताव में आलोचना

वंदे मातरम् पर कांग्रेस के निर्णय की भाजपा प्रस्ताव में आलोचना
Modified Date: August 22, 2026 / 03:06 pm IST
Published Date: August 22, 2026 3:06 pm IST

नयी दिल्ली, 22 अगस्त (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने वंदे मातरम् के केवल दो अंतरे गाने के कांग्रेस के फ़ैसले की शनिवार को एक प्रस्ताव पारित करके निंदा की और कहा कि वह राजनीतिक सहूलियत या तुष्टिकरण के लिए राष्ट्रगीत के सम्मान से कोई समझौता स्वीकार नहीं करेगी।

भाजपा ने यहां अपने नये पदाधिकारियों की बैठक में पारित प्रस्ताव में कहा कि वह ‘वंदे मातरम्’ की गौरवशाली विरासत को देश के हर कोने तक पहुंचाने के लिए एक अभियान शुरू करेगी।

भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने बैठक की अध्यक्षता की तथा बाद में ‘एक्स’ पर प्रस्ताव साझा किया।

नवीन ने कहा, ‘‘भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आज, 22 अगस्त 2026 को, ‘वंदे मातरम्’ के सम्मान और उसकी ऐतिहासिक विरासत को संजोकर रखने के संबंध में एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किया।’’

उन्होंने कहा कि भाजपा कांग्रेस कार्य समिति के 19 अगस्त, 2026 के उस फैसले की ‘कड़ी निंदा और स्पष्ट तौर पर विरोध’ करती है, जिसमें 1937 के प्रस्ताव को दोहराते हुए कांग्रेस के कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम’ के सिर्फ शुरुआती दो अंतरे को गाने तक सीमित कर दिया गया है।

नवीन ने कहा कि भाजपा राष्ट्र गीत को ‘सांप्रदायिक दबाव, राजनीतिक तुष्टीकरण या संकीर्ण वोट-बैंक की राजनीति’ का शिकार बनाने की किसी भी कोशिश का विरोध करेगी। उन्होंने कहा, ‘‘राजनीतिक सहूलियत या तुष्टीकरण के लिए ‘वंदे मातरम्’ के सम्मान और विरासत से कोई समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।’’

नवीन ने कहा कि भाजपा ‘वंदे मातरम्’ के इतिहास, अर्थ, राष्ट्रीय महत्व और गौरवशाली विरासत को भारत के हर कोने तक पहुंचाने के लिए एक अभियान शुरू करेगी। उन्होंने कहा,‘‘ भाजपा ‘पूर्ण वंदे मातरम्’ के सम्मान, गरिमा, विरासत और राष्ट्रीय चरित्र की रक्षा करेगी।’’

उन्होंने कहा कि भाजपा महात्मा गांधी के उस बयान का भी प्रचार करेगी जिसमें उन्होंने वंदे मातरम को ‘साम्राज्यवाद-विरोधी नारा’ और ‘सबसे शुद्ध राष्ट्रीय भावना’ से जुड़ा हुआ बताया था।

नवीन ने कहा कि सत्ताधारी पार्टी ने खासकर युवा पीढ़ी के बीच जागरूकता अभियान शुरू करने का भी संकल्प लिया है, ताकि छह छंदों वाले पूरे राष्ट्रगीत और उसके इतिहास को भुलाया ना जा सके तथा आने वाली पीढ़ियां वंदे मातरम से जुड़ी भारत की आज़ादी की यादों को समझ सकें।

भाषा राजकुमार अमित

अमित


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