परिसीमन के जरिये आदिवासियों की सीट घटाने की साजिश में जुटी भाजपा व आरएसएस: कांग्रेस

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परिसीमन के जरिये आदिवासियों की सीट घटाने की साजिश में जुटी भाजपा व आरएसएस: कांग्रेस

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  • Publish Date - August 30, 2026 / 06:23 PM IST,
    Updated On - August 30, 2026 / 06:23 PM IST

रांची, 30 अगस्त (भाषा) कांग्रेस ने रविवार को आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) परिसीमन के जरिए विधायिका में आदिवासियों के लिए आरक्षित सीट की संख्या कम करने की कोशिश करके उन्हें ‘खामोश करने की साजिश’ रच रहे हैं।

पार्टी ने कहा कि यदि 2007-08 की रिपोर्ट के आधार पर परिसीमन किया जाता है तो वह इसका विरोध करेगी।

केंद्र सरकार ने 14 फरवरी, 2008 को परिसीमन आयोग की रिपोर्ट स्वीकार की थी, जिससे देश के राजनीतिक नक्शे में बदलाव हुआ था। हालांकि, झारखंड के साथ-साथ असम, मणिपुर, नगालैंड और अरुणाचल प्रदेश में परिसीमन प्रक्रिया को 2026 तक टालने का फैसला किया गया था। इसके लिए बाद में संसद ने संशोधन विधेयक पारित किया था।

यहां मोरहाबादी मैदान में आयोजित ‘आदिवासी एकता महाजुटान रैली’ को संबोधित करते हुए कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने कहा, ‘‘खनन, उद्योगों की स्थापना, बड़ी परियोजनाओं या बड़े बांधों के निर्माण के कारण आदिवासियों को सबसे अधिक विस्थापन का सामना करना पड़ा है, जो 70 प्रतिशत तक है। हमारी आबादी में 13 प्रतिशत की कमी आई है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘आदिवासियों की जमीनें छीनी जा रही हैं। अब भाजपा और आरएसएस परिसीमन के नाम पर उनकी सीट की संख्या कम करके उन्हें खामोश करने की साजिश कर रहे हैं। लेकिन बिरसा मुंडा की इस धरती पर वे कभी सफल नहीं होंगे। आदिवासी सीट कम नहीं की जा सकती और उनकी आवाज दबाई नहीं जा सकती।’’

पूर्व मंत्री बंधु टिर्की ने कहा, ‘‘आज हमें प्रस्तावित परिसीमन के खिलाफ लड़ने का संकल्प लेना होगा। यह राज्य आदिवासियों के लिए बनाया गया था और हम आदिवासियों के अधिकार छीनने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं करेंगे।’’

भाषा संतोष अविनाश

अविनाश