भाजपा ने ईंधन की कीमतों पर विपक्ष के ‘भ्रामक अभियान’ की आलोचना की

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भाजपा ने ईंधन की कीमतों पर विपक्ष के ‘भ्रामक अभियान’ की आलोचना की

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  • Publish Date - March 27, 2026 / 07:16 PM IST,
    Updated On - March 27, 2026 / 07:16 PM IST

नयी दिल्ली, 27 मार्च (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने ईंधन की कीमतों पर विपक्ष के ‘‘भ्रामक अभियान’’ पर तीखा हमला करते हुए शुक्रवार को कहा कि पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में कटौती के केंद्र के फैसले से आम लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।

सरकार ने पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क घटाकर तीन रुपये प्रति लीटर कर दिया है और डीजल को पूरी तरह से शुल्क मुक्त कर दिया है।

भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि जहां नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने नागरिकों पर बोझ कम किया है, वहीं कांग्रेस शासित राज्यों ने इसे बढ़ाने के कदम उठाए हैं।

ठाकुर ने संसद भवन परिसर में पत्रकारों से कहा, ‘‘सबसे पहले, हम पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क कम करने के ऐतिहासिक निर्णय के लिए प्रधानमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हैं। ऐसे समय में जब दुनिया भर में ईंधन की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं, भारत शायद एकमात्र ऐसा देश है जिसने उत्पाद शुल्क कम किया है और 140 करोड़ नागरिकों को प्रत्यक्ष रूप से लाभ पहुंचाया है।’’

उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस का अपने शासन वाले राज्यों में ईंधन पर कर बढ़ाने का इतिहास रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस ने अपने शासन वाले राज्यों में बार-बार वैट बढ़ाया है, जिससे आम जनता पर बोझ पड़ा है। हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर पांच रुपये का उपकर लगाने का फैसला किया है और इसे लागू करने की तैयारी कर रही है।’’

ठाकुर ने तुलना करते हुए कहा कि भाजपा नीत केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में 10 रुपये प्रति लीटर की कमी की है, जबकि राज्यों में कांग्रेस सरकारें इसके विपरीत दिशा में आगे बढ़ रही हैं।

हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर से सांसद ने कहा, ‘‘यही भाजपा और कांग्रेस के बीच का अंतर है। जहां मोदी सरकार जनता के हित में निर्णय लेती है, वहीं हिमाचल प्रदेश जैसे कांग्रेस शासित राज्य नागरिकों पर बोझ बढ़ा रहे हैं।’’

हिमाचल प्रदेश विधानसभा ने सोमवार को विपक्षी दल भाजपा के वॉकआउट के बीच पेट्रोल और डीजल पर 5 रुपये प्रति लीटर तक का ‘अनाथ एवं विधवा उपकर’ लगाने वाले वैट संशोधन विधेयक को पारित कर दिया।

ठाकुर ने राहुल गांधी के ‘‘खटा-खट’’ मॉडल पर भी कटाक्ष किया। भाजपा नेता ने कहा, ‘‘यह गांधी का खटा-खट-खटारा’ मॉडल है, जो अंततः आम लोगों पर बोझ बढ़ाता है और उन्हें महंगाई की मार से जूझने पर मजबूर करता है।’’

उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भी ईंधन की कीमतों को लेकर भ्रामक बयानबाजी करने का आरोप लगाया और कहा कि ऐसे बयान जनता के बीच भ्रम पैदा करने के उद्देश्य से दिए गए हैं।

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया, ‘‘बनर्जी नैतिक और भावनात्मक रूप से टूट चुकी हैं, और मतदाताओं के बीच उनकी छवि भी खराब हो रही है। उनका पतन शुरू हो चुका है, और उलटी गिनती शुरू हो गई है। जब उलटी गिनती शुरू होती है, तो नेता ममता जी की तरह भ्रामक बयान देना शुरू कर देते हैं।’’

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने वैश्विक ऊर्जा स्थिति का हवाला देते हुए कहा कि सरकार ने कठिन परिस्थितियों में संवेदनशीलता से काम लिया है।

उन्होंने पत्रकारों से कहा, ‘‘पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण वैश्विक स्तर पर बेहद चिंताजनक स्थिति उत्पन्न हो गई है। दुनिया के सभी क्षेत्रों में ऊर्जा और पेट्रोलियम उत्पादों से संबंधित गंभीर संकट मंडरा रहा है।’’

त्रिवेदी ने कहा, ‘‘वैश्वीकरण के इस दौर में भारत का इससे अप्रभावित रहना संभव नहीं है। हालांकि, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमारी सरकार ने अत्यंत सतर्कता, सजगता और संवेदनशीलता के साथ निर्णय लिए हैं ताकि इसका बोझ आम जनता पर न पड़े।’’

रामनवमी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह निर्णय आवश्यक वस्तुओं को किफायती बनाने के सिद्धांत को दर्शाता है।

उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा प्रतीत होता है कि प्रधानमंत्री ने भगवान राम के आदर्शों से प्रेरणा ली है, जैसा कि तुलसीदास द्वारा रचित रामचरितमानस में वर्णित है, जिन वस्तुओं को महंगा करना था उसे महंगा किया गया है और आवश्यक वस्तुओं को सुलभ व किफायती रखा जाए।’’

उन्होंने कहा कि इस संदर्भ में, निर्यात महंगा हो गया है, जबकि पेट्रोल सस्ता हो गया है।

इस बीच, भाजपा की सहयोगी शिवसेना ने भी पेट्रोलियम उत्पादों पर उत्पाद शुल्क में कटौती के केंद्र के फैसले का समर्थन करते हुए इसे “नागरिक-केंद्रित कदम” बताया और कहा कि इससे वैश्विक ईंधन कीमतों में वृद्धि के बीच लोगों को राहत मिलेगी।

शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि ऐसे समय में जब पश्चिम एशिया में तनाव के कारण दुनिया भर में ईंधन की कीमतें बढ़ रही हैं, केंद्र ने नागरिकों के हितों को प्राथमिकता दी है।

भाषा आशीष नेत्रपाल

नेत्रपाल