बंगाल में विभिन्न समुदायों के बीच विभाजन के बीज बो रही भाजपा: ममता
बंगाल में विभिन्न समुदायों के बीच विभाजन के बीज बो रही भाजपा: ममता
कोलकाता, 23 मई (भाषा) पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बृहस्पतिवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर राज्य में विभिन्न समुदायों के बीच विभाजन के बीज बोने का आरोप लगाया।
कोलकाता उत्तर में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के उम्मीदवार सुदीप बंद्योपाध्याय के समर्थन में एक रैली को संबोधित करते हुए, बनर्जी ने एक हालिया बैठक की ओर इशारा किया जिसमें राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शहर में मारवाड़ी व्यापारियों के साथ बातचीत की।
उन्होंने कहा, “भाजपा के पास किसी भी समुदाय के व्यापारियों के साथ जुड़ने के लिए पर्याप्त संसाधन हैं। लोगों को अपनी इच्छानुसार किसी के भी साथ जुड़ने की स्वतंत्रता है और मुझे इससे कोई आपत्ति नहीं है। मगर, मैं इन व्यवसायियों से पूछना चाहती हूं: क्या बंगाल ने इतने वर्षों में आपको सम्मान नहीं दिया? जब भी आपको सहायता की आवश्यकता पड़ी तो क्या हमने आपकी मदद नहीं की? बंगाल में हर व्यक्ति को हममें से एक माना जाता है, चाहे उनका समुदाय कुछ भी हो।”
बनर्जी ने भाषा, धर्म और जातीयता के आधार पर विभाजन को बढ़ावा देने के लिए भाजपा की निंदा की और लोगों से ऐसे हथकंडों के आगे नहीं झुकने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा, ‘भाजपा हमेशा बंगाली-गैरबंगाली, हिंदू-मुस्लिम की बीन बजाती है। वे दरारें पैदा करते हैं। कृपया उनके जाल में न फंसें।’
बंगाल में दुर्गा पूजा, सरस्वती पूजा की अनुमति नहीं देने की वाली टिप्पणी पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर झूठ फैलाने का आरोप लगाते हुए बनर्जी ने कहा, “राज्य का हर नागरिक जानता है कि यह सरासर झूठ है।”
बनर्जी ने बंगाल की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से उनके परिचित होने पर सवाल उठाते हुए उन्हें सरस्वती पूजा और जगन्नाथ पूजा के मंत्रों का उच्चारण करने की चुनौती दी।
बंगाल के लोकाचार और रीति-रिवाजों के बारे में मोदी की समझ में कमी पर जोर देते हुए बनर्जी ने उन्हें विभिन्न मुद्दों पर सार्वजनिक बहस के लिए आमंत्रित किया।
उन्होंने प्रस्ताव दिया कि मोदी के साथ 10 अधिकारी और एक टेलीप्रॉम्प्टर होगा, जबकि वह मीडिया और जनता के सामने स्वत: स्फूर्त बात करेंगी।
बनर्जी ने मोदी पर प्रेस वार्ताओं से बचने का आरोप लगाया और उन्हें मीडिया के पहले से तय सवालों के बजाय स्वत: स्फूर्त प्रश्नों का सामना करने की चुनौती दी।
भाषा नोमान माधव
माधव

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