जयपुर, 19 अप्रैल (भाषा) राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने रविवार को आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) महिलाओं के आरक्षण कानून से राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है।
डोटासरा ने कहा कि 22 सितंबर 2023 को संसद द्वारा पारित महिला आरक्षण विधेयक का विपक्ष ने समर्थन किया था।
उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस ने सबसे पहले 1996 में महिला आरक्षण विधेयक पेश किया था और 2010 में संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के दौरान इसे राज्यसभा में पारित कराया था जबकि उस समय भाजपा और उसके सहयोगियों ने इसका विरोध किया था।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि भाजपा के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार 2023 का कानून शर्तों के साथ लाई और इसके लागू होने में देरी की, क्योंकि आवश्यक अधिसूचना हाल ही में ही जारी की गई।
उन्होंने जनगणना में देरी पर भी सवाल उठाए, जो 2021 में होनी थी।
डोटासरा ने आरोप लगाया कि सरकार 2011 के आंकड़ों के आधार पर परिसीमन करने की कोशिश कर रही है ताकि अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को आरक्षण का लाभ न मिल सके।
उन्होंने कहा कि प्रस्तावित परिसीमन भाजपा को राजनीतिक लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से किया जा रहा है, जिससे संसदीय सीट का वितरण बदला जा सके। डोटासरा ने दावा किया कि ‘इंडिया’ गठबंधन ने ऐसे कदमों का विरोध किया है और सरकार से यह स्पष्ट करने की मांग की है कि क्या महिला आरक्षण मौजूदा 543 लोकसभा सीट पर लागू होगा।
उन्होंने कहा, “कांग्रेस इस मुद्दे को लगातार उठाती रहेगी और पूरे राज्य में जनमत तैयार करेगी ताकि महिला आरक्षण तुरंत लागू हो।”
कांग्रेस की प्रदेश इकाई की महिला शाखा की अध्यक्ष सारिका सिंह ने आरोप लगाया कि भाजपा महिलाओं की अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतरी और इस मुद्दे का इस्तेमाल केवल चुनावी लाभ के लिए कर रही है।
उन्होंने कहा कि महिला कांग्रेस सोमवार को एक मार्च निकालेगी और महिला आरक्षण के तत्काल लागू होने की मांग करेगी।
भाषा बाकोलिया जितेंद्र
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