भाजपा अपने कुछ मशहूर करीबियों को फायदा पहुंचाने के लिए एलआईसी के पैसों का इस्तेमाल कर रही:ममता

भाजपा अपने कुछ मशहूर करीबियों को फायदा पहुंचाने के लिए एलआईसी के पैसों का इस्तेमाल कर रही:ममता

भाजपा अपने कुछ मशहूर करीबियों को फायदा पहुंचाने के लिए एलआईसी के पैसों का इस्तेमाल कर रही:ममता
Modified Date: February 2, 2023 / 09:26 pm IST
Published Date: February 2, 2023 9:26 pm IST

(तस्वीर के साथ)

वर्धमान (पश्चिम बंगाल), दो फरवरी (भाषा) पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि भाजपा खुद को और पार्टी के कुछ मशहूर करीबी लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) और राष्ट्रीयकृत बैंकों में जमा लोगों के पैसों का इस्तेमाल कर रही है।

पूर्वी वर्धमान जिले में एक कार्यक्रम के दौरान तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत केंद्र सरकार पर आम बजट को लेकर निशाना साधते हुए दावा किया कि आयकर में दी गई छूट कुछ और नहीं, बल्कि शब्दों की बाजीगरी है।

उन्होंने दावा किया, ‘‘अगर यह सरकार ज्यादा दिन रही, तो सारे बैंक बंद हो जाएंगे। जीवन बीमा (निगम) समाप्त हो जाएगा। जिस तरह से एलआईसी के शेयर बेचे जा रहे हैं… जिस तरह एलआईसी और बैंकों के पैसे, जो लोगों के हैं, पार्टी (भाजपा) और उसके कुछ मशहूर करीबी लोगों के फायदे के लिए इस्तेमाल किये जा रहे हैं, आप नहीं जानते कि आपको बैंकों या बीमा कंपनियों से पैसा मिल पाएगा भी, या नहीं।’’

वह स्पष्ट रूप से अडाणी समूह में भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) और एलआईसी के निवेश का जिक्र कर रही थीं, जिसके शेयर अमेरिकी समूह हिंडनबर्ग की एक रिपोर्ट आने के बाद गिर गये।

केंद्रीय बजट को ‘‘झूठ से भरा’’ करार देते हुए बनर्जी ने कहा कि 2024 में होने वाले आम चुनाव के मद्देनजर केंद्र बड़े-बड़े दावे कर रहा है।

उन्होंने विस्तार से बताये बगैर दावा किया कि भाजपा नीत केंद्र सरकार बजट पेश किये जाने के बाद शेयर बाजार में भारी गिरावट होने पर हताश है।

बनर्जी ने दावा किया, ‘‘केंद्रीय बजट पेश किए जाने के बाद शेयर बाजार में भारी गिरावट देखी गई…कुछ लोगों को फोन करके उनसे उन शेयरों में कई हजार करोड़ रुपये लगाने को कहा गया, जिनके भाव गिर रहे थे।’’

वहीं, विश्व भारती विश्वविद्यालय में छात्रों के बीच असंतोष का उल्लेख करते हुए बनर्जी ने आरोप लगाया कि छात्रों को अधिकारियों द्वारा प्रताड़ित किया गया। उन्होंने कहा कि वह ‘‘हमेशा छात्रों के साथ खड़ी रहेंगी।’’

भाषा

शफीक सुभाष

सुभाष


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