भाजपा पंजाब में सांप्रदायिक अशांति फैलाना चाहती है: मुख्यमंत्री मान

भाजपा पंजाब में सांप्रदायिक अशांति फैलाना चाहती है: मुख्यमंत्री मान

भाजपा पंजाब में सांप्रदायिक अशांति फैलाना चाहती है: मुख्यमंत्री मान
Modified Date: January 11, 2026 / 05:24 pm IST
Published Date: January 11, 2026 5:24 pm IST

बठिंडा (पंजाब), 11 जनवरी (भाषा) पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर सांप्रदायिक अशांति फैलाने की साजिश के तहत आम आदमी पार्टी (आप) नेता आतिशी के वीडियो से छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया और कहा कि उनकी सरकार ऐसे किसी भी प्रयास को सफल नहीं होने देगी।

यहां एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मान ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री के विधानसभा में दिए गए बयान को संपादित किया है और उसमें गलत उपशीर्षक और गुरु तेग बहादुर का नाम जोड़ा है।

उन्होंने इस कृत्य को ‘ईशनिंदा’ करार दिया।

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आम आदमी पार्टी (आप) के नेता ने कहा कि फोरेंसिक जांच से यह स्पष्ट हो गया है कि आतिशी ने वीडियो में कभी भी ‘गुरु‘ शब्द का प्रयोग नहीं किया।

मान ने कहा, ‘‘भाजपा धर्म और नफरत की राजनीति में लिप्त है, जिसे हम एक बार फिर पूरे उफान पर देख रहे हैं। भाजपा ने यह धारणा बनाने का प्रयास किया है कि आतिशी ने गुरु के विरुद्ध आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया, जबकि वास्तव में उन्होंने ऐसा नहीं किया।’’

मुख्यमंत्री ने भाजपा नेता और दिल्ली के मंत्री कपिल मिश्रा के खिलाफ पंजाब पुलिस की कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि छेड़छाड़ करके बनाया गया वीडियो क्लिप विधानसभा के आधिकारिक रिकॉर्ड में कहीं भी दर्ज नहीं है।

उन्होंने कहा, ‘‘अगर ऐसा कोई बयान दिया गया होता, तो वह विधानसभा की कार्यवाही का हिस्सा होता और अध्यक्ष को इसकी जानकारी होती।’’

मान ने बताया कि जालंधर पुलिस आयुक्त कार्यालय ने आतिशी से जुड़े ‘संपादित’ और ‘छेड़छाड़’ करके बनाए गए वीडियो को अपलोड करने और प्रसारित करने के संबंध में प्राथमिकी दर्ज की है।

यह प्राथमिकी इकबाल सिंह की शिकायत पर दर्ज की गई है। जालंधर पुलिस के एक प्रवक्ता ने शुक्रवार को बताया कि आतिशी की आवाज वाला वीडियो मिश्रा के सोशल मीडिया अकाउंट से डाउनलोड किया गया था और जांच के लिए एसएएस नगर स्थित फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला के निदेशक को अग्रेषित किया गया था।

मान ने कहा, ‘‘हमने इसकी जांच करवाई और पाया कि आतिशी ने ऐसा कोई शब्द नहीं बोला था। यह भाजपा की गंदी मानसिकता को दर्शाता है। पहले भी भाजपा इस तरह की हरकतें कर चुकी है। लोगों को झूठी जानकारी देना और उन्हें भड़काना उसकी नीति है। हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं।’’

मान ने भाजपा पर विभाजनकारी राजनीति करने और अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले पंजाब को ध्रुवीकृत करने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा, ‘‘राजनीतिक स्वार्थ के लिए तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश करना भाजपा की पुरानी रणनीति है। इस कृत्य से सिखों की भावनाएं आहत हुई हैं।’’

उन्होंने भाजपा पर चंडीगढ़, भाखरा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) और पंजाब विश्वविद्यालय जैसे मुद्दों पर पंजाब विरोधी मानसिकता रखने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि अमरिंदर सिंह, सुनील जाखड़ और रवनीत सिंह बिट्टू समेत कई नेता भाजपा के दावों का बचाव करते हुए असहज स्थिति में हैं।

मुख्यमंत्री ने शिरोमणि अकाली दल (शिअद) नेता सुखबीर सिंह बादल की भी आलोचना करते हुए उन पर आरोप लगाया कि अतीत में किसान विरोधी और पंजाब विरोधी फैसलों का समर्थन करने के बाद अब वह पंजाब के मुद्दों पर ‘घड़ियाली आंसू’ बहा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वे 15 जनवरी को श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष उपस्थित होंगे और जारी किए गए सभी निर्देशों का पालन करेंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब के लापता ‘सरूपों’ की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) के गठन के पीछे कोई राजनीतिक मकसद नहीं है।

भाषा संतोष वैभव

वैभव


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