भाजपा ने तिरुप्परनकुंद्रम पहाड़ी पर दीप जलाने की अनुमति के आदेश का स्वागत किया

भाजपा ने तिरुप्परनकुंद्रम पहाड़ी पर दीप जलाने की अनुमति के आदेश का स्वागत किया

भाजपा ने तिरुप्परनकुंद्रम पहाड़ी पर दीप जलाने की अनुमति के आदेश का स्वागत किया
Modified Date: January 6, 2026 / 04:23 pm IST
Published Date: January 6, 2026 4:23 pm IST

नयी दिल्ली, छह जनवरी (भाषा) भाजपा ने मंगलवार को मद्रास उच्च न्यायालय के उस आदेश की सराहना की जिसमें मदुरै के तिरुप्परनकुंद्रम पहाड़ी पर एक पत्थर के स्तंभ पर दीपक जलाने की अनुमति देने वाले एकल न्यायाधीश के निर्देश को बरकरार रखा गया है।

भारतीय जनता पार्टी ने द्रमुक, कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ को “हिंदू विरोधी और सनातन विरोधी” बताया।

न्यायमूर्ति जी. जयचंद्रन और न्यायमूर्ति के.के. रामकृष्णन की खंडपीठ द्वारा फैसला सुनाए जाने के कुछ घंटों बाद, वरिष्ठ भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने इस आदेश को ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव एलायंस’ (इंडिया) की “तुष्टीकरण नीति पर करारा तमाचा” और “हिंदू धर्म की विजय” करार दिया।

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गोयल ने यहां भाजपा मुख्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, “दोनों न्यायाधीशों ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि यह सदियों पुरानी प्रथा है। यह हिंदू धर्म और स्थानीय लोगों की भावनाओं का मामला है। यह प्रथा सदियों से चली आ रही है। इस आदेश ने द्रमुक सरकार, मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन, उनके बेटे और उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन, कांग्रेस और ‘इंडिया’ गठबंधन के सभी सदस्यों के ऊपर से पर्दा हटा दिया है।”

उच्च न्यायालय की पीठ ने द्रमुक सरकार की कड़ी आलोचना की, जिसने यह तर्क दिया था कि यह साबित करने के लिए कोई सबूत नहीं है कि स्तंभ एक “दीपतून” था, और कहा कि उसे अपने “राजनीतिक एजेंडे” को हासिल करने के लिए “इस स्तर तक नहीं गिरना चाहिए”।

पीठ ने यह भी स्पष्ट किया कि जिस स्थान पर पत्थर का स्तंभ (दीपतून) स्थित है, वह श्री सुब्रमण्य स्वामी मंदिर का है।

तमिलनाडु सरकार ने संकेत दिया है कि वह इस आदेश के खिलाफ उच्चतम न्यायालय में अपील करेगी।

गोयल ने मद्रास उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति जी.आर. स्वामीनाथन के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने के लिए ‘इंडिया’ गठबंधन के सदस्यों की भी आलोचना की, जिन्होंने सबसे पहले यह माना था कि अरुलमिघु सुब्रमण्य स्वामी मंदिर उची पिल्लैयार मंडपम के पास प्रथागत प्रकाश व्यवस्था के अतिरिक्त ‘दीपतून’ में दीपक प्रज्वलित करने के लिए कर्तव्यबद्ध है।

भाजपा नेता ने दावा किया कि द्रमुक ने महाभियोग प्रस्ताव की पहल की, जिस पर कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी, समाजवादी पार्टी के धर्मेंद्र यादव, राकांपा (शरद पवार) की सुप्रिया सुले और शिवसेना (उबाठा) के अरविंद सावंत सहित अन्य लोगों ने हस्ताक्षर किए।

गोयल ने आरोप लगाया, “वे न्यायपालिका को डरा रहे हैं और माननीय न्यायाधीश के खिलाफ झूठे आरोप लगा रहे हैं।”

भाषा प्रशांत अविनाश

अविनाश


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