कोलकाता, 13 जनवरी (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने मंगलवार को निर्वाचन आयोग को चेताते हुए कहा कि यदि एसआईआर में प्रकाशित मसौदा मतदाता सूची पर पार्टी के दावों और आपत्तियों पर गौर नहीं किया तो भाजपा राज्य में आगामी चुनाव नहीं होने देगी।
भट्टाचार्य ने दावा किया कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रकाशित मतदाता सूचियों की सटीकता सुनिश्चित करने के लिए निवासियों और गैर-निवासियों की पहचान करने को लेकर बूथ स्तर पर गहन जांच की, लेकिन निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) और उप निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (एईआरओ) निर्वाचन आयोग के फॉर्म सात के माध्यम से उठाई गई उनकी आपत्तियों को स्वीकार करने से इनकार कर रहे।
प्रदेश भाजपा प्रमुख ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘अगर पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया इसी तरह समाप्त होती है, तो हम यहां चुनाव नहीं होने देंगे। एसआईआर प्रक्रिया को सुचारू बनाएं-यह हमारी निर्वाचन आयोग से मांग है।’’
इससे पहले, भाजपा ने अपने ‘एक्स’ हैंडल पर आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल के दो जिलों के अधिकारियों ने निर्वाचन आयोग के फॉर्म सात को स्वीकार करने से इनकार कर दिया। इस फॉर्म का इस्तेमाल मतदाता सूची में किसी व्यक्ति का नाम शामिल करने के खिलाफ आपत्ति दर्ज करने या मृत्यु या स्थानांतरण के आधार पर स्वयं या किसी अन्य व्यक्ति का नाम मतदाता सूची से हटाने की मांग करने के लिए किया जाता है।
यह संभवतः पहली बार है जब भाजपा ने निर्वाचन आयोग के प्रति सार्वजनिक रूप से असंतोष व्यक्त किया है, जबकि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी पार्टी नियमित रूप से आयोग की आलोचना करते हुए उस पर पक्षपात का आरोप लगा रही हैं।
भट्टाचार्य ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता राज्य भर में कई स्थानों पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं क्योंकि अधिकारियों का कथित तौर पर यह दावा है कि उन्हें उच्च अधिकारियों से आपत्तियों को स्वीकार करने के कोई निर्देश नहीं मिले हैं।
उन्होंने कहा कि एईआरओ फॉर्म सात को स्वीकार करने से इनकार कर रहे और इस बात पर जोर दे रहे थे कि फॉर्म छह (नए नामांकन के लिए आवेदन) केवल ऑनलाइन ही जमा किया जाए, जिससे पार्टी कार्यकर्ताओं में भ्रम की स्थिति पैदा हो रही।
भाषा आशीष पवनेश
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