नेमोम विधानसभा सीट में भाजपा का ‘खाता बंद’ हो गया, इसे फिर से ‘खोलना’ मुश्किल होगा: शिवनकुट्टी

नेमोम विधानसभा सीट में भाजपा का ‘खाता बंद’ हो गया, इसे फिर से ‘खोलना’ मुश्किल होगा: शिवनकुट्टी

नेमोम विधानसभा सीट में भाजपा का ‘खाता बंद’ हो गया, इसे फिर से ‘खोलना’ मुश्किल होगा: शिवनकुट्टी
Modified Date: January 6, 2026 / 02:45 pm IST
Published Date: January 6, 2026 2:45 pm IST

तिरुवनंतपुरम, छह जनवरी (भाषा) केरल के सामान्य शिक्षा मंत्री वी शिवनकुट्टी ने मंगलवार को कहा कि नेमोम विधानसभा क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का ‘‘खाता बंद’’ हो गया है और भाजपा के लिए उसे ‘‘फिर से खोलना मुश्किल’’ होगा।

मंत्री की यह टिप्पणी संवाददाताओं के उन सवालों के जवाब में आई जिनमें पूछा गया था कि तिरुवनंतपुरम नगर निगम में हार के बाद क्या वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) नेमोम विधानसभा सीट बरकरार रख पाएगा। शिवनकुट्टी इस सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं।

संवाददाताओं ने भाजपा की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर की इस घोषणा का भी जिक्र किया कि वह इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव में नेमोम निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ेंगे।

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शिवनकुट्टी ने कहा, ‘‘उन्हें (चंद्रशेखर को) वहां (नेमोम) से चुनाव लड़ने दीजिए। उन्हें राज्य की 140 विधानसभा सीट में से किसी से भी चुनाव लड़ने की स्वतंत्रता है लेकिन हमने (एलडीएफ) नेमोम में भाजपा का खाता बंद कर दिया है और इसे फिर से खोलना उनके लिए मुश्किल होगा।’’

यह पूछे जाने पर कि क्या वह नेमोम निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ेंगे, मंत्री ने कहा कि उनका रुख वही है, जैसा भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) (माकपा) की प्रदेश इकाई के सचिव एम वी गोविंदन ने कहा है।

गोविंदन ने हाल में संवाददाताओं से कहा था कि शिवनकुट्टी नेमोम से चुनाव लड़ेंगे या नहीं, इस बारे में कुछ भी कहना गलत होगा क्योंकि पार्टी ने इस मुद्दे पर कोई चर्चा नहीं की है।

शिवनकुट्टी ने संवाददाताओं से कहा कि केरल में चुनावी मुकाबला एलडीएफ और संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) द्वारा नियुक्त जनसंपर्क (पीआर) एजेंसियों के बीच है।

उन्होंने दावा किया, ‘‘चुनाव प्रचार का काम यूडीएफ से ज्यादा पीआर एजेंसी कर रही हैं और इसलिए यह एलडीएफ एवं इन एजेंसी के बीच मुकाबला दिखाई देता है।’’

उन्होंने यह भी दावा किया कि राज्य में सरकार विरोधी भावना होने को लेकर कांग्रेस नीत विपक्ष की चुनावी रणनीति को उभारने के मुद्दे पर पीआर एजेंसियों और यूडीएफ के बीच मतभेद हो गए हैं।

शिवनकुट्टी ने कहा, ‘‘लोगों के बीच ऐसी (सत्ता विरोधी) कोई भावना नहीं है।’’

भाषा सिम्मी मनीषा

मनीषा


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