भाजपा की असम इकाई के सोशल मीडिया सह-संयोजक को विवादित वीडियो अपलोड करने पर हटाया गया

भाजपा की असम इकाई के सोशल मीडिया सह-संयोजक को विवादित वीडियो अपलोड करने पर हटाया गया

भाजपा की असम इकाई के सोशल मीडिया सह-संयोजक को विवादित वीडियो अपलोड करने पर हटाया गया
Modified Date: February 12, 2026 / 12:07 pm IST
Published Date: February 12, 2026 12:07 pm IST

गुवाहाटी, 12 फरवरी (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की असम इकाई ने मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा का वह वीडियो साझा करने को लेकर अपनी सोशल मीडिया टीम के एक सह-संयोजक को पद से हटा दिया है जिसके कारण बड़ा विवाद खड़ा हो गया था। एक वरिष्ठ नेता ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

इस वीडियो को बाद में हटा दिया गया था।

वीडियो में शर्मा को कथित तौर पर राइफल से निशाना साधते और दो लोगों पर गोली चलाते हुए दिखाया गया था। उनमें से एक ने टोपी पहन रखी थी और दूसरे की दाढ़ी थी। वीडियो के साथ ‘कैप्शन’ में ‘प्वाइंट ब्लैंक शॉट’ लिखा था।

कृत्रिम मेधा (एआई) की मदद से बनाए गए इस वीडियो को भाजपा की प्रदेश इकाई के आधिकारिक ‘एक्स’ हैंडल पर शनिवार शाम को अपलोड किया गया था लेकिन राजनीतिक विरोध के बाद इसे हटा दिया गया।

वरिष्ठ नेता ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘यह वीडियो उचित जांच-पड़ताल के बिना एवं अनधिकृत तरीके से अपलोड किया गया था। संबंधित व्यक्ति को सोशल मीडिया टीम के सह-संयोजक पद से हटा दिया गया है।’’

पद से हटाए गए सोशल मीडिया सह-संयोजक की पहचान रॉन विकास गौरव के रूप में हुई है।

वरिष्ठ भाजपा नेता ने कहा, ‘‘केवल कुछ लोगों को ही भाजपा के सोशल मीडिया हैंडल के लिए ‘पोस्ट’ करने और प्रचार सामग्री ‘अपलोड’ करने का अधिकार है। वे पार्टी के कार्यक्रम साझा करने या हमारे नेताओं के भाषण अपलोड करने के लिए अपने स्तर पर आम तौर पर ऐसा कर सकते हैं लेकिन संवेदनशील विषयों के लिए उन्हें सोशल मीडिया प्रभारी या पार्टी अध्यक्ष या (अगर मामला मुख्यमंत्री से जुड़ा हो तो) मुख्यमंत्री कार्यालय से अनुमति लेनी होती है।’’

रंजीब कुमार शर्मा इस समय भाजपा की प्रदेश इकाई की सोशल मीडिया टीम का नेतृत्व कर रहे हैं और गौरव को हटाए जाने से पहले उनकी टीम में चार सह-संयोजक थे।

मुख्यमंत्री शर्मा ने बुधवार को कहा था कि पुलिस ने वीडियो को लेकर कांग्रेस नेताओं की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया है। उन्होंने बताया कि भाजपा के एक कार्यकर्ता ने भी इसी मामले पर पुलिस में अलग से शिकायत दर्ज कराई है।

शर्मा ने सोमवार को दावा किया था कि उन्हें वीडियो की जानकारी नहीं थी जबकि कांग्रेस की असम इकाई के अध्यक्ष गौरव गोगोई ने मुख्यमंत्री पर अपने वीडियो के जरिए मुसलमानों के खिलाफ ‘‘नरसंहार उकसाने’’ का आरोप लगाया था और पुलिस से इस मामले में स्वतः संज्ञान लेने का आग्रह किया था।

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने सोमवार को हैदराबाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी और अब हटाए जा चुके इस वीडियो को लेकर असम के मुख्यमंत्री के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की मांग की थी।

शर्मा ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था, ‘‘अगर मेरे खिलाफ कोई मामला दर्ज किया गया है, तो मुझे गिरफ्तार कर लीजिए। मुझे कोई आपत्ति नहीं है। मैं जेल जाने के लिए तैयार रहूंगा। मैं हमेशा अपनी बात पर कायम रहूंगा। मैं बांग्लादेशी घुसपैठियों का विरोधी हूं और हमेशा रहूंगा।’’

भाषा सिम्मी शफीक

शफीक


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