भाजपा के दरवाजे भूपेन बोरा के लिए खुले हैं: हिमंत ने बोरा के कांग्रेस से इस्तीफे के बाद कहा

Ads

भाजपा के दरवाजे भूपेन बोरा के लिए खुले हैं: हिमंत ने बोरा के कांग्रेस से इस्तीफे के बाद कहा

  •  
  • Publish Date - February 16, 2026 / 02:56 PM IST,
    Updated On - February 16, 2026 / 02:56 PM IST

( तस्वीरों सहित )

गुवाहाटी, 16 फरवरी (भाषा) असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने सोमवार को कहा कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष भूपेन बोरा के पार्टी से इस्तीफा देने के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के दरवाजे उनके लिए खुले हैं।

शर्मा ने यह भी कहा कि अगर बोरा भाजपा में शामिल होते हैं तो वह उन्हें किसी ‘‘सुरक्षित सीट’’ से चुनाव जितवाने की कोशिश करेंगे।

बोरा ने आज सुबह कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को अपना इस्तीफा भेजा, जिससे असम विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी को बड़ा झटका लगा है।

कांग्रेस अध्यक्ष को भेजे अपने त्यागपत्र में उन्होंने दावा किया कि पार्टी नेतृत्व द्वारा उन्हें उपेक्षित किया जा रहा है और राज्य इकाई में उन्हें उनका हक नहीं दिया जा रहा है।

बोरा 2021 से 2025 तक असम कांग्रेस इकाई के अध्यक्ष थे और पिछले साल उनकी जगह गौरव गोगोई को असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी की कमान सौंप दी गई। वह असम में दो बार विधायक रह चुके हैं।

शर्मा ने कहा कि बोरा कांग्रेस में ऐसे ‘‘आखिरी हिंदू नेता’’ हैं जिनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि राजनीति की नहीं है।

शर्मा ने विधानसभा के बाहर पत्रकारों से कहा, ‘‘ उनके इस्तीफे से यह प्रतीकात्मक संदेश मिलता है कि कांग्रेस में किसी सामान्य परिवार का व्यक्ति तरक्की नहीं कर सकता। कांग्रेस आम परिवारों के लोगों को मान्यता नहीं देती। मैं एक साधारण मध्यमवर्गीय परिवार से हूं लेकिन भाजपा ने मुझे मुख्यमंत्री बनाया है। हम कुलीन वर्ग की राजनीति के खिलाफ खड़े हैं।’’

शर्मा ने कहा कि वह कल शाम बोरा के आवास पर जाएंगे और उनकी भविष्य की योजनाओं पर बातचीत करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘ बोरा ने अभी तक मुझसे या भाजपा से संपर्क नहीं किया है और फिलहाल हमारा उनसे प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कोई संपर्क नहीं है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ अगर वह भाजपा में शामिल होना चाहते हैं तो हम उनका स्वागत करेंगे लेकिन अगर वह ऐसा नहीं चाहते तो हम उन्हें शुभकामनाएं देंगे।’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि वह इस ‘मुश्किल समय’ में बोरा का साथ देने के लिए उनसे मिलने जाएंगे।

शर्मा ने कहा, ‘‘ मुझे याद है कि हम दोनों लगभग एक ही समय में कांग्रेस में शामिल हुए थे। मैंने 22 साल बाद पार्टी छोड़ी और वे मुझसे कुछ ज़्यादा समय तक पार्टी में रहे।’’

शर्मा ने यह भी दावा किया कि बोरा ने अपने इस्तीफे में कांग्रेस पर तुष्टीकरण की राजनीति में लिप्त होने का आरोप लगाया और यह भी उल्लेख किया कि ‘‘गौरव गोगोई अपनी पाकिस्तान यात्रा पर उचित स्पष्टीकरण नहीं दे सके।’’

उन्होंने दावा किया कि बोरा के इस्तीफ में, ‘‘ मैंने दो बिंदु देखे हैं – एक यह कि धुबरी के सांसद रकीबुल हुसैन अब कांग्रेस को नियंत्रित कर रहे हैं, और इसका कारण यह है कि अगले चुनावों में गौरव गोगोई जोरहाट संसदीय क्षेत्र से नहीं, बल्कि नागांव से चुनाव लड़ेंगे, जिसके लिए उन्हें हुसैन की आवश्यकता होगी।’’

शर्मा ने दावा किया कि नागांव के सांसद प्रद्युत बोरा 2029 में कांग्रेस छोड़ देंगे, जबकि असम विधानसभा में विपक्ष के नेता देबब्रत सैकिया ‘अपनी नाजिरा सीट हार जाएंगे’।

शर्मा ने यह भी दावा किया कि पांच साल के भीतर, ‘‘कांग्रेस कार्यालय से ‘अज़ान’ दी जाएगी’’, और पार्टी में केवल वही हिंदू रहेंगे जिनके पिता या माता मंत्री या विधायक रहे हों…।’’

भाषा

शोभना मनीषा

मनीषा