UP Budget Session 2026: शायरी बना सियासी हथियार! सपा विधायक ने शिक्षा मंत्री पर किया शायराना हमला, तो उसी अंदाज में मिला जवाब

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  • Publish Date - February 17, 2026 / 03:05 PM IST,
    Updated On - February 17, 2026 / 03:05 PM IST

UP Budget Session 2026 | Photo Credit: X.com Screengrab

HIGHLIGHTS
  • सपा विधायक रागिनी सोनकर ने विज्ञान संकाय की कमी पर सरकार को घेरा
  • उन्होंने रामराज और आर्टिकल 51(एच) का हवाला देकर शिक्षा नीति पर सवाल उठाए
  • मंत्री गुलाब देवी ने शायराना अंदाज में पलटवार करते हुए सरकार के कामों का बचाव किया

लखनऊ: UP Budget Session 2026 उत्तर प्रदेश में आज बजट सत्र का 7वां दिन है। आज विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट पर चर्चा हो रही है। मंगलवार को कार्यवाही के दौरान समाजवादी पार्टी की युवा विधायक डॉ. रागिनी सोनकर और योगी सरकार की माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी के बीच जुबानी जंग छिड़ गई। जिससे माहौल काफी रोचक हो गया। सपा विधायक ने भगवान राम के नाम लेकर सरकार की शिक्षा नीति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।

रागिनी सोनकर ने सुनाया व्यंग्य

UP Budget Session 2026 सपा विधायक रागिनी सोनकर ने व्यंग सुनाकर सरकारी और एडेड इंटर कॉलेज में विज्ञान संकाय की सुविधा नही होने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि ‘श्रीरामचंद्र कह गए सिया से ऐसा कलयुग आएगा, मेरे नाम से सत्ता पाकर सबको सबको आंख दिखाएगा। धर्मों पर लड़वाएगा और जाति पर बंटवाएगा। गरीबों के शिक्षा को रौंदा जाएगा, जो शिक्षा को पाएगा वो उसका वो मार भगाएगा। और ऐसा करके व्यसा करके बस अपना मकसद पाएगा।’ उन्होंने पूछा-हमारे बच्चों को शिक्षा क्यों नहीं दे पा रही है यह सरकार…रामराज की बात तो करती है।

जिसके बाद उन्होंने एक प्रश्न पूछा कि जो कि Fundamental Duty है हम सभी भारतीय नगरीक है कि हमें अंधविश्वास से दूर रहना चाहिए साथ ही साथ हमे विज्ञान और तर्क पर आधारित सोच रखनी चाहिए।

रागिनी सोनकर के व्यंग्य पर मंत्री गुलाब देवी का शायराना जवाब

जिसके बाद माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी ने भी शायराना अंदाज में जवाब दिया। उन्होंने कहा- जान कर भी अनजान बने ये और बात है, ऐसा नहीं कि इन्हें कुछ मालूम न हो। इसके बाद उन्होंने आंकड़े दिए। उन्होंने कहा- विधायक इतनी चिंतित है कि इन्हें राम का उदाहरण देना पड़ा। उन्होंने रागिनी पर पलटवार करते हुए आगे कहा, “सूर्य की किरणें कितनी भी चमचमाएं, लेकिन समुद्र की लहरों को सुखा नहीं सकती हैं।” मंत्री ने स्पष्ट किया कि विपक्ष चाहे कितना भी शोर मचा ले, लेकिन सरकार द्वारा किए गए कार्यों की सच्चाई को मिटाया नहीं जा सकता।

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बजट सत्र का कौन सा दिन था?

यह बजट सत्र का सातवां दिन था।

विवाद किस मुद्दे पर हुआ?

सरकारी और एडेड इंटर कॉलेजों में विज्ञान संकाय की सुविधा न होने पर।

रागिनी सोनकर ने किसका उदाहरण दिया?

उन्होंने भगवान राम का उदाहरण देकर शिक्षा नीति पर सवाल उठाए।