vinoba news/ image source: PIB_India x handle
नई दिल्ली: राजधानी नई दिल्ली में होने वाले इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 से पहले घोषित ग्लोबल इम्पैक्ट चैलेंज के फाइनलिस्ट्स में भारत के लिए गर्व की खबर सामने आई है। ‘AI by HER’ श्रेणी में महिलाओं द्वारा बनाए गए एआई नवाचार को बढ़ावा देने वाले विनोबा (Vinoba) प्लेटफॉर्म को टॉप फाइनलिस्ट्स में चुना गया है।
बता दें कि, इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026, 16 से 20 फरवरी तक नई दिल्ली के प्रमुख स्थलों भारत मंडपम और सुषमा स्वराज भवन में आयोजित हो रहा है। समिट से पहले घोषित तीन बड़े ग्लोबल इम्पैक्ट चैलेंज-AI for ALL, AI by HER और YUVAi-में दुनिया भर से 4,650 से ज्यादा आवेदन आए थे। कई चरणों की जांच और मूल्यांकन के बाद कुल 70 टीमों को फाइनलिस्ट चुना गया है, जो समिट के ग्रैंड फिनाले और अवॉर्ड समारोह में अपने समाधान दिखाएंगी। इन्हीं में AI by HER के 30 फाइनलिस्ट्स में विनोबा प्लेटफॉर्म भी शामिल है।
India AI Impact Summit 2026 Showcases Women-Led AI for Public Good and Digital Public Infrastructure
AI By HER Global Impact Challenge Elevates Women Innovators Shaping Responsible AI Ecosystem
Ten Women-Led Startups Honoured for Driving Inclusive, Scalable and Impact-First AI… pic.twitter.com/6J3QVbBC2E
— PIB India (@PIB_India) February 17, 2026
खास बात यह है कि. यह प्लेटफॉर्म ओपन लिंक्स फाउंडेशन का एआई आधारित समाधान है, जिसे बच्चों की बुनियादी पढ़ाई-लिखाई को बेहतर बनाने के लिए तैयार किया गया है। इसका चयन दिखाता है कि भारत में सामाजिक काम के लिए एआई का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है और महिला नवाचारकों को वैश्विक पहचान मिल रही है।
दरअसल, AI by HER ग्लोबल इम्पैक्ट चैलेंज खास तौर पर महिलाओं द्वारा बनाए गए एआई समाधानों को आगे बढ़ाने के लिए शुरू किया गया है। इसमें 50 से अधिक देशों से 800 से ज्यादा आवेदन मिले थे। चुनी गई 30 परियोजनाओं में स्वास्थ्य, शिक्षा, खेती, वित्तीय सेवाएं, डिजिटल व्यापार और रोजगार जैसे क्षेत्रों के समाधान शामिल हैं। विनोबा प्लेटफॉर्म का चयन इस बात का संकेत है कि शुरुआती शिक्षा में एआई का इस्तेमाल सामाजिक बदलाव का मजबूत जरिया बन सकता है।
विनोबा प्लेटफॉर्म का मकसद बच्चों और समुदायों में पढ़ाई की बुनियाद मजबूत करना है। एआई की मदद से यह प्लेटफॉर्म हर बच्चे की सीखने की क्षमता और कमजोरी को समझता है और उसी हिसाब से पढ़ाई की सामग्री और अभ्यास देता है। इससे खासकर दूरदराज और कई भाषाओं वाले इलाकों में बच्चों को अच्छी शिक्षा मिलना आसान होता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि ऐसे समाधान भारत समेत कई विकासशील देशों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधार सकते हैं।
समिट के दौरान सभी 70 फाइनलिस्ट टीमें नीति-निर्माताओं, उद्योग विशेषज्ञों, निवेशकों और शिक्षाविदों के सामने अपने प्रोजेक्ट पेश करेंगी। चुनी गई परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए सहयोग, पहचान और नेटवर्किंग का मौका मिलेगा। विनोबा जैसे प्लेटफॉर्म के लिए यह मौका तकनीकी मान्यता के साथ-साथ बड़े स्तर पर सामाजिक असर बढ़ाने का रास्ता खोल सकता है। इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 को मिले वैश्विक समर्थन से यह भी साफ है कि भारत जिम्मेदार और उपयोगी एआई नवाचार का बड़ा केंद्र बन रहा है। विनोबा प्लेटफॉर्म की यह उपलब्धि शिक्षा और महिला-नेतृत्व वाले एआई समाधानों के भविष्य के लिए अहम कदम मानी जा रही है।