India AI Impact Summit 2026 Latest Updates || Image- Dhananjay Ydav Twitter
नई दिल्ली: एआई समिट के तौर पर देश की राजधानी दिल्ली में सबसे बड़ा टेक्नोलॉजी सम्मेलन जारी है। इस समिट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े विशेषज्ञ, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, स्टार्टअप, नीति-निर्माता और शिक्षाविद एक मंच पर जुटते हैं। (India AI Impact Summit 2026 Latest Updates) इस समिट का मकसद भारत में एआई तकनीक के विकास, उपयोग और नीति निर्माण पर चर्चा करना है।
बात करें इस पूरे समिट के मकसद की तो AI आधारित नवाचारों को बढ़ावा देना, स्टार्टअप और उद्योगों के बीच सहयोग बढ़ाना, सरकारी नीतियों और एआई के नियमन पर चर्चा और हेल्थकेयर, शिक्षा, कृषि, फिनटेक और स्मार्ट सिटी जैसे क्षेत्रों में एआई के उपयोग पर विचार करना है। इस पूरे समिट के प्रमुख आकर्षण में कीनोट स्पीच (विशेषज्ञों और नीति-निर्माताओं द्वारा), पैनल डिस्कशन और टेक्निकल सेशन, स्टार्टअप पिचिंग सेशन, एआई प्रोडक्ट और सॉल्यूशन की प्रदर्शनी, नेटवर्किंग के अवसर शामिल है।
बहरहाल इस बीच एक बड़ी और हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है। पूरा मामला हाई सिक्योरिटी रेंज से महंगे उपकरणों की चोरी का है। दरअसल NeoSapien के सीईओ और सह-संस्थापक धनंजय यादव ने सोशल मीडिया पर अपनी शिकायत और इस समिट को लेकर अपने अनुभव साझा किये है।
उन्होंने ‘एक्स’ पर बताया कि, उन्हें सिक्योरिटी के नाम पर रोक लिया गया। उन्होंने बताया कि, “एआई इम्पैक्ट समिट का पहला दिन हमारे लिए बेहद परेशानी भरा रहा। मैं सचमुच बहुत उत्साहित होकर आया था, क्योंकि यह पहली बार था जब भारत में इस समिट का आयोजन हो रहा था, और मैं खुद आकर इस इकोसिस्टम और सरकार के प्रयासों का समर्थन करना चाहता था। लेकिन इसके बाद जो हुआ वह चौंकाने वाला था। दोपहर 12 बजे, सुरक्षाकर्मी प्रधानमंत्री मोदी के दोपहर 2 बजे के आगमन से पहले इलाके को सैनिटाइज करने और घेराबंदी करने के लिए पहुंचे।”
उन्होएँ आगे लिखा कि, “मैंने बताया कि हम नियोसैपियन में भारत का पहला पेटेंटेड एआई वियरेबल बना रहे हैं और इसे प्रदर्शित करने का मौका मांगा है। एक अधिकारी ने दूसरों से मुझे रुकने के लिए कहा और वे चले गए। फिर एक और दल आया और हमें तुरंत वहां से चले जाने का आदेश दिया। ऐसा लग रहा था कि सुरक्षाकर्मियों के बीच तालमेल की कमी थी। (India AI Impact Summit 2026 Latest Updates) मैंने पूछा: “क्या हमें अपने वियरेबल साथ ले जाने चाहिए?” उन्होंने कहा, दूसरे लोग तो लैपटॉप तक पीछे छोड़ रहे हैं, सुरक्षाकर्मी ध्यान रखेंगे। उन पर भरोसा करके मैं चला गया।”
उन्होएँ आगे कहा, “उम्मीद थी कि वियरेबल सुरक्षित रहेंगे, और अगर मेरी किस्मत अच्छी रही, तो शायद प्रधानमंत्री मोदी की नजर उन पर पड़ जाए। गेट दोपहर 12 बजे से शाम 6 बजे तक बंद रहे। उम्मीद से कहीं ज्यादा समय तक। बाद में हमें पता चला कि हमारे वियरेबल चोरी हो गए थे। ज़रा सोचिए: हमने फ्लाइट, रहने-खाने, लॉजिस्टिक्स और यहाँ तक कि बूथ के लिए भी पैसे दिए थे। और फिर भी, एक उच्च सुरक्षा क्षेत्र में हमारे वियरेबल गायब हो गए। अगर सिर्फ सुरक्षाकर्मियों और आधिकारिक दल को ही अंदर जाने की अनुमति थी, तो यह कैसे हुआ? यह बेहद निराशाजनक है।”
Day 1 of the AI Impact Summit turned to be a pain for us.
I came genuinely excited, it was the first time the summit was being hosted in India, and I wanted to show up personally to support the ecosystem and the government’s push.
But what happened next was shocking.
At 12… pic.twitter.com/9gVygparq0
— Dhananjay Yadav (@imDhananjay) February 16, 2026