मूसी नदी के पुनरुद्धार की लागत को लेकर बीआरएस का विधानसभा से बहिर्गमन, मंत्रियों का पलटवार

मूसी नदी के पुनरुद्धार की लागत को लेकर बीआरएस का विधानसभा से बहिर्गमन, मंत्रियों का पलटवार

मूसी नदी के पुनरुद्धार की लागत को लेकर बीआरएस का विधानसभा से बहिर्गमन, मंत्रियों का पलटवार
Modified Date: March 18, 2026 / 04:09 pm IST
Published Date: March 18, 2026 4:09 pm IST

हैदराबाद, 18 मार्च (भाषा) भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) ने तेलंगाना स्थित मूसी नदी की प्रस्तावित पुनरुद्धार परियोजना में कांग्रेस सरकार द्वारा भ्रष्टाचार करने और अव्यवस्थित कार्यप्रणाली का आरोप लगाते हुए बुधवार को विधानसभा से बहिर्गमन किया, जबकि सरकार ने पलटवार करते हुए कहा कि विपक्षी पार्टी ‘‘कीचड़ उछालने’’ का कार्य कर रही है।

राज्य के सूचना प्रौद्योगिकी एवं उद्योग मंत्री डी. श्रीधर बाबू ने प्रश्नकाल के दौरान कहा कि सरकार को उम्मीद है कि एशियाई विकास बैंक (एडीबी) अपनी अगली बैठक में विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) को मंजूरी दे देगा।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने दिसंबर 2024 में परियोजना के पहले चरण के लिए डीपीआर तैयार करने के वास्ते सिंगापुर की इंजीनियरिंग कंपनी ‘मीन्हार्ड्ट’ को नियुक्त किया था तथा रिपोर्ट इस साल फरवरी में जमा कर दी गई थी।

उन्होंने कहा, ‘‘हमने एडीबी को वित्तपोषण के लिए एक प्रस्ताव भेजा है। प्रारंभिक तौर पर वे परियोजना से संतुष्ट हैं। एडीबी अब डीपीआर का मूल्यांकन कर रहा है। वे पूर्ण स्वीकृति देने के बाद ही इसे ‘मंजूरी’ कहते हैं। हमें उम्मीद है कि एडीबी की मंजूरी बोर्ड की अगली बैठक में मिल जाएगी।’’

बाबू ने कहा कि एडीबी यदि डीपीआर से संतुष्ट नहीं होता है तो सरकार मूसी नदी के पुनरुद्धार के लिए किसी अन्य संगठन की मदद से या सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) के माध्यम से काम करने के लिए प्रयासरत है।

उन्होंने कहा कि मीन्हार्ड्ट ने देश और विदेशों में कई परियोजनाएं शुरू कीं।

उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य नाले में बदल चुकी मूसी नदी को पूरा साल बहने वाली नदी में बदलना है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार इस मुद्दे पर व्यापक बहस के लिए तैयार है।

हालांकि, बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष के. टी. रामाराव ने आरोप लगाया कि मंत्री ने मूसी परियोजना के क्रियान्वयन के लिए प्रस्तावित चरणों की संख्या और डीपीआर के बारे में स्पष्ट रूप से कुछ नहीं कहा।

मूसी नदी के किनारे अस्वच्छ परिस्थितियों में रहने वाले गरीब निवासियों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार के लिए सरकार की तत्परता पर प्रकाश डालते हुए उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क ने पूछा कि क्या बीआरएस नदी की सफाई का विरोध करती है।

राव ने कहा कि बीआरएस मूसी नदी की सफाई का विरोध नहीं कर रही है। उन्होंने एक अधिकारी के हवाले से कहा कि परियोजना के लिए कोई डीपीआर नहीं है।

भाषा शुभम सुरेश

सुरेश


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