इमारत हादसा: शिक्षक और छात्र संगठनों ने छात्रों के आवासीय इलाकों के निरीक्षण की मांग की
इमारत हादसा: शिक्षक और छात्र संगठनों ने छात्रों के आवासीय इलाकों के निरीक्षण की मांग की
नयी दिल्ली, छह सितंबर (भाषा) दिल्ली के सत्य निकेतन में पेइंग गेस्ट (पीजी) आवास की इमारत ढहने के बाद छात्र और शिक्षक संगठनों ने रविवार को घटना की संपूर्ण जांच और शहर में छात्रों के रहने की जगहों का व्यापक निरीक्षण कराने की मांग की।
नेशनल डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट (एनडीटीएफ), अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी), एनएसयूआई और स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) ने तेजी से बचाव अभियान चलाने, सुरक्षा नियमों के कथित उल्लंघन और लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
एनडीटीएफ ने कहा कि इमारत ढहने के बाद कई लोग मलबे में फंस गए, एक व्यक्ति की मौत की सूचना मिली है और कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
रविवार दोपहर पांच मंजिला इमारत के मलबे में करीब 30 से 50 छात्रों के फंसे होने की आशंका जताई गई।
शिक्षक संगठन ने कहा कि इस घटना के बाद दिल्ली विश्वविद्यालय के परिसरों और कॉलेजों के आसपास निजी तौर पर संचालित छात्रावासों और पेइंग गेस्ट आवासों में भवन और अग्नि सुरक्षा नियमों के पालन को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं।
एनडीटीएफ ने छात्रावास वाले कई इलाकों की संकरी गलियों का भी मुद्दा उठाया और कहा कि आपात स्थिति में ये गलियां बचाव कार्यों में बाधा डाल सकती हैं।
एनडीटीएफ ने समय-सीमा तय करके इस घटना की जांच कराने और दिल्ली विश्वविद्यालय तथा उसके कॉलेजों के आसपास संचालित निजी छात्रावासों और पीजी आवासों की व्यापक जांच कराने की मांग की।
एबीवीपी ने कहा कि उसके स्वयंसेवक घटनास्थल पर बचाव कार्यों में मदद कर रहे हैं। संगठन ने दिल्ली प्रशासन, पुलिस, दमकल विभाग और आपदा प्रबंधन टीमों से राहत कार्यों में तेजी लाने की अपील की।
आरएसएस से जुड़े छात्र संगठन एबीवीपी ने घटनास्थल पर पर्याप्त बचाव कर्मियों, एंबुलेंस, आपात चिकित्सा सहायता और विशेष उपकरणों की व्यवस्था करने की मांग की।
संगठन ने घटना से प्रभावित छात्रों और परिवारों के लिए आपात हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए।
एबीवीपी के राष्ट्रीय महासचिव वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने कहा कि इस घटना से प्रशासन के कामकाज पर गंभीर सवाल उठते हैं और इमारत ढहने की उच्च स्तरीय जांच की जानी चाहिए।
वहीं, एनएसयूआई ने छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में लापरवाही का आरोप लगाया और दिल्ली विश्वविद्यालय प्रशासन तथा सरकार से युद्ध स्तर पर बचाव अभियान चलाने की मांग की।
कांग्रेस से जुड़े छात्र संगठन एनएसयूआई ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने और जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करने की मांग की।
एसएफआई की दिल्ली राज्य समिति ने कहा कि यह घटना छात्रों की रिहाइश वाले क्षेत्रों में अवैध निर्माण और असुरक्षित आवास की बड़ी समस्या को दिखाती है।
भाषा जोहेब नरेश
नरेश

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