दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत ढही; बचाए गए तीन व्यक्तियों की हालत नाजुक, कई अब भी फंसे

दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत ढही; बचाए गए तीन व्यक्तियों की हालत नाजुक, कई अब भी फंसे

दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत ढही; बचाए गए तीन व्यक्तियों की हालत नाजुक, कई अब भी फंसे
Modified Date: September 6, 2026 / 04:55 pm IST
Published Date: September 6, 2026 4:55 pm IST

नयी दिल्ली, छह सितंबर (भाषा) दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार दोपहर छात्रों के लिए ‘पीजी’ के तौर पर इस्तेमाल की जा रही पांच मंजिला इमारत ढह गई, जिससे कई लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, घटना के समय इमारत के बेसमेंट में निर्माण कार्य जारी था। यह हादसा अपराह्न करीब 1.30 बजे हुआ। उन्होंने कहा कि बचाव अभियान जारी है और अब तक तीन लोगों को मलबे से बाहर निकाला जा चुका है तथा उन्हें एम्स ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां उनकी हालत गंभीर बताई जाती है।

पुलिस ने एक बयान में बताया कि अपराह्न 1.34 बजे साउथ कैंपस थाने में नानकपुरा गुरुद्वारे के पास एक इमारत गिरने के संबंध में पीसीआर को फोन आया।

घटनास्थल दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के प्रमुख इलाके के पास स्थित है, जहां बड़ी संख्या में इमारतों में मुख्य रूप से छात्रों के पीजी (पेइंग गेस्ट), हॉस्टल और खाने-पीने की दुकानें संचालित होती हैं।

पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि स्थानीय पुलिसकर्मी, दमकल विभाग, कैट एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन सेवाएं मौके पर मौजूद हैं। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीम भी घटनास्थल पर पहुंच गई है और बचाव एवं राहत अभियान जारी है।

बयान में कहा गया, ‘‘फिलहाल मलबे में फंसे या घायल लोगों की सही संख्या ज्ञात नहीं है। अब तक दो लोगों को बचाया गया है। पुष्टि होने पर आगे की जानकारी साझा की जाएगी।’’

अधिकारियों के अनुसार, ढही इमारत को ‘हॉस्टल डेज’ के नाम से जाना जाता था।

घटनास्थल पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों ने अनुमान जताया कि 15 से अधिक लोग मलबे के नीचे फंसे हो सकते हैं, हालांकि इस संख्या की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

वहीं, एक स्थानीय निवासी ने कहा, ‘‘हॉस्टल हमेशा भरा रहता था। इसलिए मलबे के नीचे अब भी कई लोग फंसे हो सकते हैं। गलियां बहुत संकरी और भीड़भाड़ वाली हैं, इसलिए बचाव वाहनों को घटनास्थल तक पहुंचने में अधिक समय लगा।’’

स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि उन्होंने तत्काल बचाव कार्य में मदद शुरू कर दी और मलबे में फंसे लोगों की तलाश में हाथों तथा उपलब्ध औजारों से मलबा हटाया।

इस संबंध में एक प्रत्यक्षदर्शी ने कहा कि अगर यह घटना किसी कार्यदिवस पर हुई होती तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी, क्योंकि आसपास के कई छात्र घर गए हुए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘यहां बहुत कम लोग थे।’’

अधिकारियों ने बताया कि दमकल की आठ गाड़ियां और विभिन्न विभागों की कई बचाव टीम मौके पर भेजी गई हैं।

मलबे में फंसे, बचाए गए या घायल लोगों की कुल संख्या के संबंध में तत्काल कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

पुलिस स्थानीय लोगों से घटनास्थल से दूर रहने की अपील कर रही है, क्योंकि भीड़ के कारण बचाव अभियान में बाधा आ रही है। एंबुलेंस की आवाजाही सुचारू रखने के लिए पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवानों को भी तैनात किया गया है।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक अनिल शर्मा घटनास्थल पर पहुंचे और बताया कि अब भी लोग मलबे में फंसे हुए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हमें अंदर फंसे लोगों के फोन भी आ रहे हैं। टीम लगातार अंदर फंसे लोगों के संपर्क में हैं। हम भगवान से प्रार्थना करते हैं कि सभी लोग सुरक्षित हों।’’

भाषा अमित नेत्रपाल

नेत्रपाल


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