बदायूं में आरोपी अजय प्रताप सिंह के परिवार की दुकानों पर चला बुलडोजर
बदायूं में आरोपी अजय प्रताप सिंह के परिवार की दुकानों पर चला बुलडोजर
बदायूं (उप्र), 17 मार्च (भाषा) उत्तर प्रदेश के बदायूं में जिला प्रशासन ने हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) के दो अधिकारियों की हत्या के मुख्य आरोपी की दुकानें यह कहते हुए ढहा दीं कि ये प्रतिष्ठान सरकारी जमीन पर बने थे।
दातागंज के उप जिलाधिकारी धर्मेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि हत्या मामले के आरोपी अजय प्रताप सिंह उर्फ रामू के सभी अतिक्रमणों को पहले चिन्हित किया गया था। उन्होंने बताया कि उसके बाद संबंधित लोगों को नोटिस जारी करके अतिक्रमण स्वयं हटाने के लिए समय भी दिया गया था।
उप जिलाधिकारी के अनुसार, तय समय के बाद भी अतिक्रमण नहीं हटाया गया। उन्होंने बताया कि अतिक्रमण करने वालों ने दो दिन पहले दुकानों को खाली कर दिया था और आज मंगलवार को प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई की।
उन्होंने बताया कि सड़क किनारे बनी करीब 12 दुकानों को चिन्हित किया गया था, जिनमें से लगभग छह दुकानें एक तरफ और छह दूसरी तरफ बनी थीं। उन्होंने बताया कि इन सभी को अवैध अतिक्रमण मानते हुए हटाया जा रहा है।
उप जिलाधिकारी ने बताया कि तोड़ी गई दुकानों में छह दुकान आरोपी रामू की हैं जबकि अन्य छह दुकानें उसके चाचा राकेश सिंह की हैं, जो अवैध रूप से बनी हुई हैं।
उन्होंने बताया कि लोक निर्माण विभाग द्वारा पैमाइश की गई थी जिनमें दुकान सरकारी जमीन पर अवैध रूप से बनी हुई पाई गईं।
एसडीएम ने यह भी बताया कि जांच के दौरान आरोपी की एक अन्य दुकान बंजर भूमि पर बनी होने की जानकारी मिली, जिसे खाली कराकर सील कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि इस मामले में राजस्व कानून की धारा 37 के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी, जिसके तहत मामला दर्ज करके आगे की विधिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
उन्होंने बताया कि आरोपी के परिवार का बिजली कनेक्शन भी अवैध पाया गया है, जिसकी लिए बिजली विभाग की टीम को मौके पर बुलाया गया है और इस मामले में भी अलग से प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।
उल्लेखनीय है कि आरोपी अजय प्रताप सिंह ने 12 मार्च को मूसाझाग पुलिस थाना क्षेत्र के सजनी गांव स्थित एचपीसीएल के संयंत्र में दो अधिकारियों को कथित रूप से गोली मार दी थी, जिससे उनकी मौत हो गयी थी। मृतकों की पहचान संयंत्र के महाप्रबंधक (जीएम) सुधीर कुमार गुप्ता (58) और सहायक महाप्रबंधक हर्षित मिश्रा (34) के रूप में हुई। घटना के बाद पुलिस ने आरोपी को मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया था।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। शनिवार को एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि बरेली मंडल के मंडलायुक्त की अध्यक्षता में विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है।
मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया कि मामले में त्वरित कार्रवाई की गई है और घटना की निष्पक्ष व पारदर्शी जांच सुनिश्चित की जाएगी।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर गठित एसआईटी घटना से जुड़े सभी पहलुओं की गहनता से जांच करेगी, ताकि किसी भी प्रकार की लापरवाही या संभावित साजिश की स्थिति सामने आने पर जिम्मेदार लोगों को चिन्हित करके कड़ी कार्रवाई की जा सके।
भाषा सं जफर अमित
अमित

Facebook


