Burhan Hamza Killed: पुलवामा हमले का मास्टरमाइंड एनकाउंटर में ढेर, अज्ञात हमलावर ने ऐसे उतारा मौत के घाट, कई बड़ी वारदातों में था शामिल

Burhan Hamza Killed: पुलवामा हमले का मास्टरमाइंड एनकाउंटर में ढेर, अज्ञात हमलावर ने ऐसे उतारा मौत के घाट, इन बड़ी वारदातों में था शामिल

Burhan Hamza Killed: पुलवामा हमले का मास्टरमाइंड एनकाउंटर में ढेर, अज्ञात हमलावर ने ऐसे उतारा मौत के घाट, कई बड़ी वारदातों में था शामिल

Burhan Hamza Killed/Image Credit: Social Media

Modified Date: May 21, 2026 / 05:39 pm IST
Published Date: May 21, 2026 5:12 pm IST
HIGHLIGHTS
  • मोस्ट वांटेड आतंकी अरजमंद गुलजार की गोली मारकर हत्या
  • पाकिस्तान से चला रहा था भर्ती, फंडिंग और हथियार सप्लाई नेटवर्क
  • गृह मंत्रालय ने 2022 में घोषित किया था आतंकवादी

Burhan Hamza Killed: जम्मू-कश्मीर में नक्सली संगठन को बड़ा झटका लगा है, पाकिस्तान के मुजफ्फराबाद में अज्ञात हमलावरों ने मोस्ट वांटेड आतंकी कमांडर अरजमंद गुलजार उर्फ बुरहान हमजा की गोली मारकर हत्या कर दी। सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक वह लंबे समय से भारत विरोधी आतंकी गतिविधियों में शामिल था।

करीब 7 साल पहले ली थी ट्रेनिंग

बताया जा रहा है कि, अरजमंद गुलजार (Burhan Hamza Killed) मूल रूप से जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले के रत्नीपोरा इलाके का रहने वाला था। करीब 7 साल पहले ही उसने आतंकी संगठन अल-बद्र जॉइन कर लिया था। बाद में संगठन का ऑपरेशनल कमांडर बन गया और पाकिस्तान से बैठकर कश्मीर में आतंकियों की भर्ती, फंडिंग और हथियारों की सप्लाई का नेटवर्क चलाने लगा।

2022 में आतंकवादी घोषित

भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने वर्ष 2022 में बुरहान हमजा (Burhan Hamza Killed) को आतंकवादी घोषित किया था। मंत्रालय के अनुसार वह पुलवामा और दक्षिण कश्मीर में आतंक फैलाने, युवाओं को आतंकी संगठनों में भर्ती कराने और आतंकवाद के लिए आर्थिक सहायता जुटाने का मास्टर माइंड था।

पुलवामा से आतंकी नेटवर्क का कनेक्शन

पुलवामा आतंकी गतिविधियों का केंद्र रहा है। जिनमें बुरहान वानी का नाम भी शामिल रहा। हमजा बुरहान साल 2020 में पुलवामा में सीआरपीएफ पर हुए ग्रेनेड अटैक का मास्टरमाइंड था। सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, अरजमंद गुलजार का नेटवर्क पुलवामा, शोपियां और अवंतीपोरा क्षेत्रों में सक्रिय था। गुलजार (Burhan Hamza Killed) को डिजिटल कट्टरपंथ मॉडल का हिस्सा माना जाता है, जिसमें सोशल मीडिया और स्थानीय नेटवर्क के जरिए युवाओं को हथियार उठाने के लिए उकसाया जाता था।

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लेखक के बारे में

सवाल आपका है... 9 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. पिछले 7 सालों से डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं और कई मीडिया संस्थानों में अपना योगदान दिया है. इन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर की डिग्री ली है.