नयी दिल्ली, आठ सितंबर (भाषा) चुनावी याचिका और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के चलते लोकसभा की दो सीटों पर उपचुनाव में देरी हुई है, जबकि एक अन्य संसदीय सीट पर उपचुनाव की घोषणा की जा चुकी है।
पश्चिम बंगाल की बशीरहाट, मेघालय की शिलांग और असम की नौगांव लोकसभा सीटें अलग-अलग तिथियों पर रिक्त हुई थीं।
निर्वाचन आयोग ने सोमवार को नौगांव लोकसभा सीट पर उपचुनाव की घोषणा की, लेकिन अन्य दो सीटों के लिए कार्यक्रम घोषित नहीं किया।
शिलांग और बशीरहाट लोकसभा सीटों पर उपचुनाव की घोषणा नहीं किए जाने के कारण के बारे में पूछे जाने पर निर्वाचन आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि मेघालय में जारी एसआईआर और कलकत्ता उच्च न्यायालय में लंबित चुनावी याचिका इसके पीछे प्रमुख कारण हैं।
बशीरहाट सीट से तृणमूल कांग्रेस के एस.के. नूरुल इस्लाम के निर्वाचन को चुनौती देते हुए चुनावी याचिका दायर की गई थी। हालांकि, लोकसभा सदस्य के रूप में शपथ लेने के कुछ महीने बाद 25 सितंबर 2024 को उनका निधन हो गया। इसके बावजूद उनके निर्वाचन को चुनौती देने वाली याचिका लंबित है।
चुनाव परिणाम घोषित होने के 45 दिनों के भीतर संबंधित उच्च न्यायालय में किसी उम्मीदवार की जीत को चुनौती देते हुए चुनावी याचिका दायर की जा सकती है।
आयोग के अधिकारियों ने बताया कि ‘‘दूसरी गुहार’’ वाली एक चुनावी याचिका अभी लंबित है।
चुनावी याचिका में दूसरी बार गुहार आमतौर पर याचिकाकर्ता या किसी अन्य उम्मीदवार को निर्वाचित घोषित करने के लिए की जाती है। पहली गुहार में निर्वाचित उम्मीदवार के निर्वाचन को अमान्य घोषित करने की मांग की जाती है।
शिलांग लोकसभा सीट 19 फरवरी को वॉयस ऑफ द पीपुल्स पार्टी के सांसद रिकी एंड्रयू सिंगकॉन के निधन के बाद रिक्त हुई थी।
निर्वाचन आयोग के अधिकारियों ने बताया कि मेघालय में एसआईआर प्रक्रिया जारी है और अंतिम मतदाता सूची 21 अक्टूबर को प्रकाशित की जाएगी।
एकमात्र लोकसभा उपचुनाव असम की नौगांव सीट पर होगा, जो कांग्रेस सांसद प्रद्युत बोरदोलोई के इस्तीफे के बाद रिक्त हुई थी।
इस सीट पर छह अक्टूबर को मतदान होगा और मतगणना नौ अक्टूबर को की जाएगी।
बोरदोलोई ने 2024 में कांग्रेस के टिकट पर नौगांव लोकसभा सीट जीती थी, लेकिन इस साल मार्च में उन्होंने पार्टी छोड़ दी और असम विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गए। इसके बाद उन्होंने लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा दिया तथा दिसपुर विधानसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की।
भाषा हक नरेश
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