मंत्रिमंडल ने ओडिशा, झारखंड के चार जिलों की दो रेल बहु-लाइन परियोजनाओं को मंजूरी दी

मंत्रिमंडल ने ओडिशा, झारखंड के चार जिलों की दो रेल बहु-लाइन परियोजनाओं को मंजूरी दी

मंत्रिमंडल ने ओडिशा, झारखंड के चार जिलों की दो रेल बहु-लाइन परियोजनाओं को मंजूरी दी
Modified Date: July 15, 2026 / 05:53 pm IST
Published Date: July 15, 2026 5:53 pm IST

नयी दिल्ली, 15 जुलाई (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति (सीसीईए) ने बुधवार को रेल मंत्रालय की लगभग 3,907 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली दो परियोजनाओं को मंजूरी दे दी।

समिति ने पारादीप-हरिदासपुर खंड के दोहरीकरण तथा राजखरसावां-डांगोआपोसी खंड पर चौथी रेल लाइन के निर्माण को मंजूरी दी।

सरकार की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया, ‘‘रेल लाइन क्षमता बढ़ने से आवाजाही में उल्लेखनीय सुधार होगा, जिससे भारतीय रेल की परिचालन दक्षता और सेवा की विश्वसनीयता बेहतर होगी। बहु-लाइन संबंधी ये परियोजनाएं परिचालन को सुचारु बनाने और दबाव कम करने में सहायक होंगी।’’

विज्ञप्ति में कहा गया कि इन परियोजनाओं की योजना प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत तैयार की गई है, जिसमें समेकित योजना और विभिन्न हितधारकों से परामर्श के जरिए बहु-मॉडल कनेक्टिविटी तथा साजोसामान दक्षता बढ़ाने पर जोर दिया गया है। इससे लोगों, वस्तुओं और सेवाओं की आवाजाही के लिए निर्बाध संपर्क सुनिश्चित होगा।

ओडिशा और झारखंड के चार जिलों में फैली इन दोनों परियोजनाओं से भारतीय रेलवे के मौजूदा नेटवर्क में लगभग 145 किलोमीटर की वृद्धि होगी।

केंद्र के अनुसार, प्रस्तावित बहु-लाइन परियोजना से लगभग 14 लाख की आबादी वाले करीब 1,526 गांवों की रेल संपर्क सुविधा बेहतर होगी।

सरकार ने कहा कि प्रस्तावित क्षमता विस्तार से ललितगिरि बौद्ध परिसर, श्री बलदेवजीउ मंदिर और मेघाहातुबुरु पहाड़ियों सहित कई प्रमुख पर्यटन स्थलों तक रेल संपर्क बेहतर होगा, जिससे पर्यटन क्षेत्र को भी लाभ मिलेगा।

उसने कहा, ‘‘प्रस्तावित परियोजनाएं कोयला, लौह अयस्क, डोलोमाइट, चूना पत्थर और जिप्सम जैसी वस्तुओं के परिवहन के लिए महत्वपूर्ण रेल मार्ग हैं। क्षमता विस्तार के बाद प्रतिवर्ष 44 एमटीपीए (मिलियन टन प्रति वर्ष) अतिरिक्त माल ढुलाई संभव हो सकेगी।

भाषा अमित नरेश

नरेश


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