कलकत्ता उच्च न्यायालय ने बंगाल सरकार के आदेश को निरस्त किया, सैकत मैत्रा को बहाल करने की अनुमति

कलकत्ता उच्च न्यायालय ने बंगाल सरकार के आदेश को निरस्त किया, सैकत मैत्रा को बहाल करने की अनुमति

कलकत्ता उच्च न्यायालय ने बंगाल सरकार के आदेश को निरस्त किया, सैकत मैत्रा को बहाल करने की अनुमति
Modified Date: November 29, 2022 / 08:57 pm IST
Published Date: August 4, 2022 9:07 pm IST

कोलकाता, चार अगस्त (भाषा) कलकत्ता उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को पश्चिम बंगाल सरकार के उस आदेश को खारिज कर दिया, जिसमें मौलाना अबुल कलाम आजाद प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएकेएयूटी) के कुलपति के रूप में प्रोफेसर सैकत मैत्रा की पुनर्नियुक्ति को रद्द कर दिया गया था। इसके साथ ही अदालत ने प्रोफेसर मैत्रा को तीन दिनों के भीतर पद पर बहाल करने का निर्देश दिया।

मैत्रा को राज्य द्वारा संचालित विश्वविद्यालय के कुलपति के रूप में फिर से नियुक्त करने का एक आदेश फरवरी, 2021 में जारी किया गया था, जिसे इस साल जुलाई में रद्द कर दिया गया और एक अन्य व्यक्ति को अस्थायी प्रभार दे दिया गया था।

न्यायमूर्ति कौशिक चंदा ने उच्च शिक्षा विभाग के सहायक सचिव की ओर से 29 जुलाई, 2022 को जारी वह आदेश निरस्त कर दिया, जिसके तहत पश्चिम बंगाल संयुक्त प्रवेश परीक्षा बोर्ड के अध्यक्ष प्रोफेसर मलायेंदु साहा को कुलपति का अस्थायी प्रभार सौंपा गया था।

अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह इस आदेश की तारीख से तीन कार्य दिवसों के भीतर प्रोफेसर मैत्रा को कुलपति के पद पर बहाल किये जाने की अनुमति दें।

मैत्रा को पहली बार फरवरी, 2017 में मौलाना अबुल कलाम आज़ाद प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय का कुलपति नियुक्त किया गया था और उसके बाद उन्हें फरवरी, 2021 में दोबारा नियुक्त किया गया था।

भाषा सुरेश पवनेश

पवनेश


लेखक के बारे में