सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक सामग्री के खिलाफ अभियान तेज
सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक सामग्री के खिलाफ अभियान तेज
चंडीगढ़, 17 जनवरी (भाषा) सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक सामग्री के खिलाफ जारी अभियान के तहत अब तक कुल 1,018 लिंक और प्रोफाइल की पहचान की गई है। हरियाणा पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि इनमें से 583 को पहले ही हटा दिया गया है या ब्लॉक कर दिया गया है।
राज्य की पुलिस ने सोशल मीडिया पर बढ़ती अवैध और आपत्तिजनक गतिविधियों के खिलाफ एक डिजिटल अभियान शुरू किया है और यह पहल इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सहयोग से चलाई जा रही है।
पुलिस ने एक बयान में कहा, ‘तनाव और भ्रम पैदा करने वाली आपत्तिजनक, राष्ट्रविरोधी, धर्मविरोधी और भ्रामक सामग्री सोशल मीडिया पर लगातार पोस्ट की जा रही थी, जिसके कारण समन्वित कार्रवाई आवश्यक हो गई है। इसी उद्देश्य से हरियाणा की साइबर टीम ने लगभग एक महीने पहले से ही सोशल मीडिया मंचों की निरंतर निगरानी शुरू कर दी थी।’
बयान के अनुसार यह अभियान अभी तक जारी है।
इसमें कहा गया, ‘इस अभियान के तहत अब तक कुल 1,018 आपत्तिजनक लिंक और प्रोफाइल की पहचान की गई है, जिनमें से 583 को सोशल मीडिया मंच संबंधित कंपनियों द्वारा पहले ही हटा दिया गया है या ब्लॉक कर दिया गया है।
इसके अनुसार, ‘शेष 435 की समीक्षा चल रही हैं और इन्हें जल्द हटाया जाएगा।’
इसमें कहा गया, “इस तरह की सामग्री (तनाव और भ्रम पैदा करने वाली) का पता चलते ही सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत संबंधित सोशल मीडिया मंच को नोटिस जारी कर उसे तुरंत हटाने का निर्देश दिया जाता है।
बयान के अनुसार,’ इस प्रक्रिया के किसी भी तरह की नरमी नहीं बरती जा रही है।”
हरियाणा के पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने बताया कि डिजिटल धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों को देखते हुए पुलिस ने एक और बड़ा अभियान शुरू किया है।
साइबर हरियाणा ने देशभर में संदिग्ध ट्रेडिंग और निवेश ऐप और चैनलों के पर नियंत्रण करने के लिए 12 जनवरी को एक विशेष और सुव्यवस्थित अभियान शुरू किया।
इस पहल के तहत अब तक 28 ऐसे ऐप्स और चैनल की पहचान की गई है। इनमें से 14 को डिजिटल मंच से हटा दिया गया है जबकि शेष 14 सोशल मीडिया की समीक्षा करने के साथ उन्हें हटाने की प्रक्रिया जारी हैं।
सिंघल ने इस बात पर जोर दिया कि पुलिस सोशल मीडिया पर झूठी या भड़काऊ जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी को कोई संदिग्ध पोस्ट, लिंक या ऐप दिखाई दे तो उसे तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन को इसकी सूचना दें ताकि समय पर कार्रवाई की जा सके।
अतिरिक्त डीजीपी साइबर शिबाश कबीराज ने कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य एक सुरक्षित, जागरूक और विश्वसनीय डिजिटल वातावरण बनाना है ताकि सोशल मीडिया का जिम्मेदारी से उपयोग किया जा सके।
भाषा प्रचेता माधव
माधव

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