प्रधानमंत्री जी क्या छात्रों के टूटे हुए सपने फिर से पूरे हो सकते हैं : राहुल गांधी
प्रधानमंत्री जी क्या छात्रों के टूटे हुए सपने फिर से पूरे हो सकते हैं : राहुल गांधी
नयी दिल्ली, छह सितंबर (भाषा) लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बिहार में प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर रविवार को निशाना साधा। उन्होंने सवाल किया कि छात्रों की टूटी हुई हड्डियां तो ठीक हो जाएंगी, लेकिन क्या प्रधानमंत्री उनके टूटे हुए सपने लौटा सकते हैं?
गांधी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर बिहार के छात्रों और युवाओं के साथ अपनी हालिया मुलाकात का एक वीडियो साझा किया। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठाने पर इन लोगों को ‘‘पुलिस की बर्बरता’’ का सामना करना पड़ा था।
उन्होंने वीडियो के साथ अपने पोस्ट में कहा, ‘‘सोचिए, ऐसा क्या गुनाह किया था इन बच्चों ने कि इन्हें गोली मार दी गई? इन्होंने सरकार से सिर्फ तीन चीजें मांगी थीं – शिक्षा, रोज़गार, और जवाबदेही।’’
नेता प्रतिपक्ष ने कहा, ‘‘एक छात्र के पैर की हड्डी एके 47 की गोली से टूट गई। सेना में जाकर देश की सेवा करने का उसका सपना भी उसी के साथ चला गया। दो और छात्रों के कंधों को गोली चीरती हुई निकल गई।’’
गांधी ने कहा, ‘‘ये अपराधी नहीं थे। ये गरीब घरों के वो बच्चे थे जो अपने परिवार के सपने लेकर पढ़ने निकले थे – किसी को अच्छी नौकरी चाहिए थी, किसी को अपने घर के हालात बदलने थे।’’
उन्होंने सवाल करते हुए कहा कि गोली के घाव भर जाएंगे, पर जो डर इन बच्चों के भीतर बैठ गया है, उसका इलाज किस अस्पताल में होता है?
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने पूछा, ‘‘प्रधानमंत्री जी, मुख्यमंत्री जी – इनकी टूटी हड्डी तो जुड़ जाएगी। क्या इनका टूटा हुआ सपना आप लौटा सकते हैं?’’
गांधी ने बृहस्पतिवार को बिहार के छात्रों से मुलाकात के दौरान कहा था कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को यह याद रखना चाहिए कि जो भी सरकार युवाओं की आवाज़ दबाती है, उसे आखिरकार जनता को जवाब देना ही पड़ता है। उन्होंने साथ ही दावा किया कि वह दिन दूर नहीं है।
कांग्रेस नेता ने पूछा था कि ऐसी मांगों के जवाब में लाठी और गोली का इस्तेमाल करने की क्या जरूरत थी।
उन्होंने कहा था, ‘‘सरकार केवल कुछ निचले स्तर के अधिकारियों को दोषी ठहराकर इस बर्बरता की जिम्मेदारी से पल्ला नहीं झाड़ सकती। यह कार्रवाई या तो ऊपर से मिले आदेशों का नतीजा है या फिर प्रशासन की पूरी तरह से विफलता का संकेत है।’’
गांधी ने कहा था, ‘‘बिहार सरकार चाहे कुछ भी करे, मैं इन युवाओं के साथ खड़ा हूं। मैं उन्हें हरसंभव मदद देने के लिए तैयार हूं।’’
पिछले महीने पटना में नौकरी के अभ्यर्थियों और पुलिस के बीच उस समय झड़प हुई, जब प्रदर्शनकारी शिक्षक भर्ती के लिए एक ही चरण की परीक्षा और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया की मांग करते हुए मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च करने की कोशिश कर रहे थे।
बिहार में अगस्त के पहले हफ्ते में शुरू हुए छात्रों के विरोध-प्रदर्शन को विपक्ष के नेताओं का समर्थन मिला है, जिनमें राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव भी शामिल हैं।
भाषा धीरज नेत्रपाल
नेत्रपाल

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