यूरोपीय संघ के साथ एफटीए में कार्बन कर रूपी अवरोध को दूर किया जाए: कांग्रेस

यूरोपीय संघ के साथ एफटीए में कार्बन कर रूपी अवरोध को दूर किया जाए: कांग्रेस

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  • Publish Date - January 1, 2026 / 12:30 PM IST,
    Updated On - January 1, 2026 / 12:30 PM IST

नयी दिल्ली, एक जनवरी (भाषा) कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को कहा कि यूरोपीय संघ के साथ होने वाले मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को अंतिम रूप देते समय कार्बन कर संबंधी अवरोध को दूर किया जाए क्योंकि यह पूरी अस्वीकार्य है।

पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘खबर है कि बहुप्रतीक्षित भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते को इस महीने के अंत में अंतिम रूप दिया जाएगा। इस बीच, आज एक जनवरी, 2026 से ही, 27 देशों के यूरोपीय संघ में भारतीय इस्पात और एल्यूमीनियम निर्यातकों को यूरोपीय संघ के कार्बन सीमा समायोजन तंत्र (सीबीएएम) के तहत कार्बन कर का भुगतान करना होगा। ‘

उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2024-25 में यूरोपीय संघ को इस्पात और एल्युमीनियम का भारतीय निर्यात औसतन 5.8 अरब डॉलर था, जो पिछले वर्ष के सात अरब डॉलर से पहले ही कम हो चुका है क्योंकि यूरोपीय संघ के आयातकों ने सीबीएएम की शुरूआत की तैयारी शुरू कर दी है।

रमेश के अनुसार, थिंक-टैंक ‘जीटीआरआई’ का अनुमान है कि ऐसे कई भारतीय निर्यातकों को कीमतों में 15-22 प्रतिशत की कटौती करनी पड़ सकती है ताकि उनके यूरोपीय संघ के आयातक उस मार्जिन का उपयोग कार्बन कर का भुगतान करने के लिए कर सकें।

कांग्रेस नेता ने कहा कि दस्तावेज़ी आवश्यकताओं के लिए कार्बन उत्सर्जन के सावधानीपूर्वक लेखांकन और रिपोर्टिंग की आवश्यकता होती है जो भारतीय निर्यातकों के लिए अतिरिक्त लागत बढ़ा रही है।

रमेश ने इस बात पर जोर दिया, ‘ भारत-ईयू के बीच अंततः जिस भी एफटीए पर हस्ताक्षर होता है, उसके तहत शुल्क संबंधी इस अस्वीकार्य अवरोध का समाधान भी करना होगा।

भाषा हक मनीषा

मनीषा