सीबीआई अदालत ने बैंक धोखाधड़ी मामले में जैलानी स्टील ट्रेडर्स, छह अन्य को दोषी करार दिया

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सीबीआई अदालत ने बैंक धोखाधड़ी मामले में जैलानी स्टील ट्रेडर्स, छह अन्य को दोषी करार दिया

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  • Publish Date - September 1, 2026 / 04:55 PM IST,
    Updated On - September 1, 2026 / 04:55 PM IST

नयी दिल्ली, एक सितंबर (भाषा) चेन्नई की एक विशेष सीबीआई अदालत ने 2.68 करोड़ रुपये के बैंक धोखाधड़ी मामले में जैलानी स्टील ट्रेडर्स और छह अन्य को दोषी करार दिया है। केंद्रीय एजेंसी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया की शिकायत पर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के जांच शुरू करने के लगभग 18 साल बाद, सोमवार को विशेष अदालत ने कंपनी और छह अन्य लोगों — एस. अमुरुदीन, एल. विजयलक्ष्मी, एम. शांति, एस. कामाक्षी, एम. शिवकुमार और एम. रविचंद्रन बाबू — को इस अपराध का दोषी पाया।

मुकदमे के दौरान चार निजी आरोपियों – जेलानी बीवी, ए श्रीनिवासन, एन मनोहरन और एस जी शेखर – की मौत हो गई और उनके खिलाफ आरोप निरस्त कर दिये गए।

आरोप था कि इन लोगों ने गलत और जाली दस्तावेज जमा करके बेईमानी और धोखाधड़ी से कई ऋण सुविधाएं लीं, बैंक के पैसों की हेराफेरी की और इस तरह बैंक के साथ 2.68 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की।

सीबीआई के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, ‘‘अदालत ने जैलानी स्टील ट्रेडर्स पर 20,000 रुपये का जुर्माना लगाया है। एस. अमुरुदीन को दो साल की कठोर कैद की सजा सुनाई गई। एल. विजयलक्ष्मी, एम. शांति, एस. कामाक्षी, एम. शिवकुमार और एम. रविचंद्रन बाबू को छह-छह महीने की कठोर कैद की सजा सुनाई गई। इन छह आरोपियों पर कुल 60,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।’’

अदालत ने यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया के तत्कालीन शाखा प्रबंधक एस आर ज्ञानशेखर और एम चक्रवर्ती नाम के एक निजी व्यक्ति को बरी कर दिया, जबकि पी बी संपत कुमार नामक एक अन्य व्यक्ति को आरोपमुक्त कर दिया।

भाषा सुभाष माधव

माधव